मुजफ्फरनगर। रामराज क्षेत्र में गांव देवल के समीप दिल्ली–पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बाबा भूरी वाले ऐतिहासिक गुरुद्वारे के सामने अब पिलर पर एलिवेटेड ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा इसकी घोषणा किए जाने के बाद गुरुद्वारे के सामने पिछले सात माह से चल रहा भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) का धरना शनिवार को समाप्त कर दिया गया।

शनिवार को भाकियू द्वारा गुरुद्वारे परिसर में आयोजित पंचायत में एनएचएआई के अधिकारियों और प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गुरुद्वारे के सामने करीब 200 मीटर लंबा ओवरब्रिज पिलर पर बनाया जाएगा, जिससे पुल के नीचे जगह खाली रहेगी और श्रद्धालुओं को वाहन खड़े करने में सुविधा मिल सकेगी। इस निर्णय के बाद भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने धरना समाप्त करने की घोषणा करते हुए इसे संगठन की बड़ी जीत बताया।

गौरतलब है कि मेरठ–पौड़ी राजमार्ग के चौड़ीकरण के तहत देवल गांव के पास सड़क को ऊंचा उठाकर बनाए जाने की योजना थी, जिससे गुरुद्वारे का सीधे हाईवे से संपर्क समाप्त होने की आशंका जताई जा रही थी। गुरुद्वारे में चौबीस घंटे लंगर चलता है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी को लेकर भाकियू और गुरुद्वारा समिति ने गुरुद्वारे के सामने पिलर पर एलिवेटेड ब्रिज बनाए जाने की मांग उठाई थी।

मांग पूरी न होने पर भाकियू और गुरुद्वारा समिति ने 5 जून 2025 से सड़क चौड़ीकरण कार्य रुकवाकर धरना शुरू कर दिया था और गुरुद्वारे के सामने लगभग 200 मीटर के दायरे में किसी भी निर्माण कार्य का विरोध किया जा रहा था। एनएचएआई द्वारा पहले डिजाइन का हवाला देते हुए एलिवेटेड रोड से इनकार किए जाने के कारण धरना लंबे समय तक चलता रहा।

शनिवार को आयोजित पंचायत में भाकियू के सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। पंचायत में भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के अलावा एनएचएआई के मेरठ क्षेत्रीय निदेशक अमित प्रणव, एसडीओ आशीष शर्मा, अपर जिलाधिकारी गजेंद्र सिंह तथा एसडीएम जानसठ राजकुमार भारती भी मौजूद रहे।

एनएचएआई के क्षेत्रीय निदेशक अमित प्रणव ने बताया कि गुरुद्वारा समिति और भाकियू की मांगों को स्वीकार कर लिया गया है और अब गुरुद्वारे के सामने एलिवेटेड पुल बनाया जाएगा। निर्णय के बाद गुरुद्वारा समिति और भाकियू ने एक-दूसरे को बधाई दी। गुरुद्वारे के बाबा जग्गा सिंह और राकेश टिकैत ने संयुक्त रूप से धरना समाप्त करने की घोषणा की।

राकेश टिकैत ने कहा कि संगठित होकर किए गए आंदोलनों से जनता का भरोसा बढ़ता है और यह भाकियू की एक बड़ी उपलब्धि है।