मुजफ्फरनगर। शहर के होटल और फैक्ट्रियों में प्रदूषण फैलाने और पर्यावरणीय मानकों का पालन न करने के मामले में लोक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कड़ा कदम उठाया है। होटल ग्रैंड हेवन और एस्जेक यूपी स्टील फैक्ट्री पर कुल 18.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा जिले की कई पेपर मिलों को नोटिस जारी किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, दिसंबर में अलीगढ़ और लखनऊ की टीम द्वारा नगर स्थित होटल ग्रैंड हेवन का निरीक्षण किया गया। जांच में होटल पर जल प्रदूषण फैलाने और पर्यावरण मानकों का उल्लंघन पाए जाने के बाद लखनऊ मुख्यालय की सिफारिश पर 1.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
वहीं, मंसूरपुर की एस्जेक यूपी-स्टील फैक्ट्री में तीन भट्ठियों में कमी पाई गई थी, जिसे टीम ने सील कर रिपोर्ट लखनऊ मुख्यालय को भेजी थी। इसके अलावा सीएक्यूएम की रिपोर्ट में भी इस फैक्ट्री को दोषी पाया गया। इसके परिणामस्वरूप फैक्ट्री पर 17 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता कुंवर संतोष कुमार ने होटल और फैक्ट्री के खिलाफ सीजेएम न्यायालय में वाद भी दायर किया है। इसके अतिरिक्त, जिले की अन्य इकाइयों जैसे परिजात पेपर मिल (जट मुझेड़ा), एसके पेपर मिल (धानडेड़ा), सिल्वर टन इंडस्ट्रीज (भोपा रोड) और प्रिंस मेटल को वायु प्रदूषण रोकने में कमी पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस भेजा गया। वहीं, फिरोज मैटल फैक्ट्री (जानसठ रोड) को बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी गीतेश चंद्रा ने बताया कि लखनऊ मुख्यालय की सिफारिश के बाद होटल और फैक्ट्री पर कुल 18.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जो विभाग के खाते में जमा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले भी जिले की 19 पेपर मिलों को पर्यावरण मानकों के उल्लंघन पर कारण बताओ नोटिस भेजे जा चुके हैं।