खतौली। तहसील क्षेत्र के एक गांव के प्रधान ने अपने इलाके के लेखपाल पर सरकारी प्रस्ताव आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रधान का आरोप है कि योजना से जुड़ा प्रस्ताव पास कराने के लिए उससे एक लाख रुपये की मांग की गई। इस संबंध में प्रधान द्वारा लगाए गए आरोपों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकी है।
गांव जसोला के प्रधान शुभम सैनी का कहना है कि अन्नपूर्णा योजना के तहत प्रस्ताव पारित कराने के लिए पहले तैनात लेखपाल ने 50 हजार रुपये की मांग की थी, जो दे भी दिए गए। कुछ समय बाद उस लेखपाल का तबादला हो गया। आरोप है कि नए लेखपाल ने उसी प्रस्ताव के लिए एक लाख रुपये की मांग की और यह कहकर पहले दिए गए पैसे को नजरअंदाज करने को कहा कि अब काम उसी के माध्यम से होगा।
प्रधान का कहना है कि काफी मोलभाव के बाद मामला 50 हजार रुपये में तय हुआ, लेकिन इसके बावजूद लेखपाल लगातार दबाव बना रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले आठ महीनों से वह दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं और रिश्वतखोरी के चलते पंचायत का कामकाज प्रभावित हो रहा है। इस मामले को लेकर प्रधान ने तहसीलदार को लिखित शिकायत भी दी है।
वहीं, इस पूरे प्रकरण पर एसडीएम निकिता शर्मा का कहना है कि लेखपाल के खिलाफ फिलहाल कोई औपचारिक शिकायत उनके कार्यालय में प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि संबंधित गांव में अन्नपूर्णा भवन का कार्य शुरू हो चुका है और यदि कोई लिखित शिकायत सामने आती है तो उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।