मुजफ्फरनगर। नए साल के जश्न के लिए पैसे जुटाने की मंशा से तीन युवकों ने रेलवे सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया। मंसूरपुर थाना क्षेत्र में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFCCIL) रेलवे लाइन से पेंड्रोल क्लिप चोरी करने के मामले में पुलिस ने तीन दोस्तों और एक कबाड़ी को गिरफ्तार किया है। समय रहते कार्रवाई न होती तो मालगाड़ियों की आवाजाही पर बड़ा हादसा हो सकता था।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि 28 और 31 दिसंबर के बीच मंसूरपुर क्षेत्र में डीएफसीसीआईएल ट्रैक से पेंड्रोल क्लिप गायब होने की सूचना मिली थी। इसके बाद मंसूरपुर पुलिस और रेलवे पुलिस की संयुक्त टीम को जांच में लगाया गया।
ट्रैक्टर-ट्रॉली से ले जाते पकड़े गए आरोपी
पुलिस ने चोरी की गई पेंड्रोल क्लिप को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले जाते समय गांव जडौदा निवासी मोहित, रोहित और निशु को गिरफ्तार किया। इनके साथ भौरा कलां थाना क्षेत्र के भौरा खुर्द गांव निवासी कबाड़ी प्रवीण उर्फ भूरा को भी पकड़ा गया, जो वर्तमान में सिविल लाइन थाना क्षेत्र की जनकपुरी कॉलोनी में रह रहा था।
आरोपियों के कब्जे से 326 पेंड्रोल क्लिप के अलावा दो तमंचे और एक चाकू बरामद किए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इससे पहले भी मंसूरपुर, मेरठ के परतापुर, जानी और कंकरखेड़ा क्षेत्रों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस के अनुसार चोरी की कुल छह घटनाओं का खुलासा हुआ है।
खेती की आड़ में करते थे चोरी
पुलिस ने बताया कि तीनों युवक खेती का काम करने का दावा करते हैं, लेकिन जांच में सामने आया है कि वे पहले भी चोरी की घटनाओं में शामिल रहे हैं। कबाड़ी प्रवीण पर भी पहले रेलवे सामग्री खरीदने के आरोप लग चुके हैं। सभी के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
जीपीएस और बोरे पर लिखे नाम से खुली गुत्थी
28 दिसंबर की रात चोरी की गई कुछ क्लिप आरोपियों ने पास के खेत में छिपा दी थी, जिसे पुलिस ने उसी दिन बरामद कर लिया था। मौके से एक बोरा भी मिला, जिस पर ‘पवन सैनी’ नाम लिखा था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस संदिग्धों तक पहुंची।
इसके अलावा पुलिस ने क्लिप में जीपीएस डिवाइस लगाकर निगरानी शुरू की। जैसे ही आरोपी क्लिप उठाने पहुंचे, उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि बरामद बोरा मोहित के पिता के नाम का था और ट्रैक्टर-ट्रॉली भी उसी की निकली।
एसएसपी ने सफल खुलासे के लिए पुलिस टीम को 20 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की। इस दौरान एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत और थाना प्रभारी मंसूरपुर आनंद देव मिश्रा भी मौजूद रहे।