मुजफ्फरनगर। ऊर्जा निगम ने शहर में अपनी कार्यप्रणाली को बड़े महानगरों के समान नया रूप दिया है। अब शहरी क्षेत्र में तीन अधिशासी अभियंता, छह उपखंड अधिकारी और लगभग 12 अवर अभियंता विभिन्न कार्यक्षेत्रों की जिम्मेदारी संभालेंगे। अधिकारियों और कर्मचारियों का कार्य तय कर दिया गया है, ताकि विद्युत आपूर्ति और राजस्व वसूली में सुधार हो सके।
ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि नगर पालिका क्षेत्र में निगम के 18 बिजलीघर हैं और प्रत्येक में अधिशासी अभियंता के साथ उपखंड अधिकारी तैनात होंगे। पहले एक अधिशासी अभियंता के अधीन एसडीओ और अवर अभियंता विभागीय कामकाज के साथ राजस्व वसूली भी करते थे, जिससे कार्यभार अधिक हो जाता था।
अब विभागीय कार्य चार हिस्सों में विभाजित किया गया है। मुख्य अभियंता के अनुसार विद्युत आपूर्ति और लाइन मरम्मत के लिए एक अधिशासी अभियंता, तीन एसडीओ और छह अवर अभियंता जिम्मेदार होंगे। वहीं व्यावसायिक राजस्व, नए कनेक्शन की जांच और पूर्ण कार्य के लिए दो अधिशासी अभियंता, तीन एसडीओ और छह अवर अभियंता तैनात रहेंगे।
विद्युत आपूर्ति, कनेक्शन और विभागीय शिकायत प्रकोष्ठ की देखरेख के लिए एक उपखंड अधिकारी और एक अवर अभियंता नियुक्त किए गए हैं। शहरी क्षेत्र में बिजली चोरी रोकने और धरकपड़ के लिए भी एक उपखंड अधिकारी और एक अवर अभियंता विशेष जिम्मेदारी संभालेंगे।
यह नई व्यवस्था मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, कानपुर, लखनऊ और सहारनपुर जैसे महानगरों की तर्ज पर बनाई गई है। नई प्रणाली के तहत शहर में 15 जनवरी से ऊर्जा निगम के सभी अधिकारी और कर्मचारी कार्य करेंगे।