कृपया प्रतीक्षा करें…
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बाज़ार, उद्योग और अर्थव्यवस्था।

भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 15 जुलाई से लागू होगा, जिससे दोनों देशों के व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है। ब्रिटिश व्यापार आयुक्त हरजिंदर कांग ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को बेहतरीन व्यापार वार्ताकारों में से एक बताया। समझौते के तहत ब्रिटेन को होने वाले भारत के 90.2% निर्यात पर आयात शुल्क नहीं लगेगा।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखा, सेंसेक्स 561 अंक और निफ्टी करीब 159 अंक गिरकर बंद हुए। वित्तीय, ऑटो, रियल एस्टेट और आईटी सेक्टर में बिकवाली का दबाव रहा, जबकि फार्मा, हेल्थकेयर और एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी देखी गई। डॉलर के मुकाबले रुपया 54 पैसे कमजोर होकर 96.22 के स्तर पर पहुंचा, बाजार में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

सिंगापुर हाईकोर्ट ने बायजू रवींद्रन की छह महीने की सजा रोकने वाली याचिका खारिज कर दी। रवींद्रन पर अदालत की अवमानना से जुड़ा मामला चल रहा है। बायजू संस्थापक विदेशी निवेशकों और कर्ज विवादों के कारण कानूनी मुश्किलों में घिरे हैं।

दिल्ली में सोना 1,500 रुपये सस्ता होकर 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि चांदी 2,000 रुपये गिरकर 2.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना। बाजार की नजर अब अमेरिकी CPI आंकड़ों पर है, जिनसे सोने-चांदी की कीमतों की आगे की दिशा तय हो सकती है।

जून में देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.38% पहुंच गई, जबकि मई में यह 3.93% थी। महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी रही, जून में खाद्य महंगाई 5.32% दर्ज हुई। बढ़ती महंगाई ने RBI की चुनौती बढ़ाई, वहीं आम लोगों के घरेलू बजट पर भी असर पड़ने की संभावना है।

NPPA ने 39 नई दवा फॉर्मूलेशन की खुदरा कीमतें तय कीं, इनमें डायबिटीज, हृदय रोग, HIV और आंखों के इलाज की दवाएं शामिल हैं। नई कीमतों का उद्देश्य मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना, NPPA ने स्पष्ट किया कि यह मूल्य निर्धारण आदेश है, कीमत कटौती आदेश नहीं। अधिक कीमत वसूलने पर कंपनियों पर कार्रवाई होगी, निर्माताओं को अतिरिक्त राशि ब्याज सहित जमा करनी पड़ सकती है।

EPFO ने PF सिस्टम में बड़े बदलाव किए हैं, जिसमें नया डिजिटल पोर्टल, राष्ट्रीय डेटाबेस और आसान क्लेम प्रक्रिया शामिल है। PF निकासी और ट्रांसफर के नियम आसान हुए हैं, अब ऑटो सेटलमेंट, नौकरी बदलने पर आसान ट्रांसफर और ऑनलाइन सेवाओं का लाभ मिलेगा। PF ब्याज और क्लेम प्रक्रिया में भी बदलाव हुआ है, जिससे भुगतान तेज होने और सेटलमेंट में अधिक पारदर्शिता आने की उम्मीद है।

भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को शानदार शुरुआत की, सेंसेक्स 750 अंक से ज्यादा उछला और निफ्टी 24,150 के पार पहुंच गया। TCS के मजबूत तिमाही नतीजों और आईटी सेक्टर में खरीदारी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिससे बाजार में तेजी आई। डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से रुपये को भी मजबूती मिली, जबकि वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिले।

पीएम मोदी के न्यूजीलैंड दौरे से पहले प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने 57% निर्यात को पहले दिन से टैरिफ मुक्त करने का ऐलान किया। भारत-न्यूजीलैंड व्यापार समझौते को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने वाला कदम बताया गया। पीएम मोदी 10-11 जुलाई को न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान व्यापार, रक्षा और द्विपक्षीय सहयोग समेत कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

ईरान-अमेरिका तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,684 अंक से ज्यादा टूटकर 76,496 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 24,000 के नीचे फिसल गया। तेल कीमतों की तेजी से ऑयल, एविएशन समेत कई सेक्टरों के शेयर दबाव में रहे, जबकि निवेशकों की नजर वैश्विक हालात और आगामी आर्थिक संकेतों पर है।

नितिन गडकरी ने E20 इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए नुकसान के दावों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि भारत को कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की जरूरत है। गडकरी ने बताया कि इथेनॉल उत्पादन से किसानों को लाभ मिला है और देश में पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल हो चुका है।

• ई-20 पेट्रोल को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच केंद्र सरकार बिना इथेनोल वाले सामान्य पेट्रोल का विकल्प देने पर विचार कर रही है। • नए ईंधन विकल्प के लिए पेट्रोल पंपों पर अलग डिस्पेंसर, स्टोरेज और सप्लाई व्यवस्था की जरूरत होगी, जबकि कीमत तय करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। • सरकार ई-20 को विदेशी मुद्रा बचत और किसानों के फायदे से जोड़ रही है, लेकिन उपभोक्ता माइलेज में कमी और इंजन संबंधी चिंताओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

• सऊदी अरब ने अगस्त के लिए अरब लाइट क्रूड की कीमत में 11 डॉलर प्रति बैरल की कटौती की है, जो पिछले कई वर्षों की सबसे बड़ी कटौतियों में से एक मानी जा रही है। • वैश्विक बाजार में तेल की बढ़ती आपूर्ति, ओपेक+ के उत्पादन विस्तार और होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य हुई आवाजाही को इस फैसले की प्रमुख वजह माना जा रहा है। • कच्चा तेल सस्ता होने से भारत जैसे आयातक देशों को राहत मिल सकती है, जिससे ईंधन लागत और महंगाई पर सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है।

• केंद्र सरकार ने सहकारी मॉडल पर आधारित नई जीवन बीमा कंपनी शुरू करने की घोषणा की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। • सहकारी क्षेत्र को डिजिटल बनाने के लिए 50,000 पैक्स को ई-पैक्स में बदला गया है और कई नई परियोजनाओं की शुरुआत की गई है। • अमित शाह ने कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ के तहत 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में सहकारिता क्षेत्र अहम भूमिका निभाएगा।

• वित्त वर्ष 2027 में भारतीय बैंकिंग सेक्टर की क्रेडिट ग्रोथ करीब 14% रहने का अनुमान है, जिसमें सरकारी बैंक अहम भूमिका निभा सकते हैं। • रिपोर्ट के अनुसार जून 2026 तक बैंकिंग सिस्टम की क्रेडिट ग्रोथ बढ़कर 17.7% पहुंच गई, जिसकी वजह वर्किंग कैपिटल डिमांड और नीतिगत बदलाव बताए गए हैं। • RBI के FCNR(B) डिपॉजिट नियमों में राहत से लिक्विडिटी बढ़ने की उम्मीद है, जिससे FY27 में 40–50 अरब डॉलर तक का अतिरिक्त फंड फ्लो संभव है।