पीएम मोदी ने पैरा खिलाड़ियों से की मुलाकात, बोले- अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक पर नजर रखें

HIGHLIGHTS
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पैरा एथलीटों से मुलाकात की।
- कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया भी मौजूद रहे।
- पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को मिठाई खिलाई, उनके अनुभव सुने और उनका उत्साह बढ़ाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य की तैयारियों के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि अब सभी खिलाड़ियों को 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरा ओलंपिक को अपना अगला लक्ष्य बनाना चाहिए।
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से की बातचीत, खिलाई मिठाई
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने पैरा एथलीटों से मुलाकात की और उनका उत्साह बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने कुछ खिलाड़ियों को मिठाई भी खिलाई। पीएम मोदी ने पैरा एथलीट नवीन कुमार से भी बातचीत की। वहीं, कई खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री से ऑटोग्राफ लिया और अपने पदक दिखाए।
कुछ खिलाड़ियों ने पीएम मोदी के साथ प्रतियोगिता से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए। प्रधानमंत्री ने सभी खिलाड़ियों की पीठ थपथपाकर उनका हौसला बढ़ाया।
पीएम मोदी बोले- पदक के साथ करोड़ों देशवासियों का दिल भी जीता
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें सभी खिलाड़ियों से मिलने का काफी इंतजार था। कुछ दिन पहले उन्होंने एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाले एथलीटों से मुलाकात की थी और अब उन्हें इन ऊर्जावान खिलाड़ियों से मिलने का अवसर मिला है।
पीएम ने कहा कि इतने बड़े मंच पर खिलाड़ियों ने पदक जीतने के साथ-साथ करोड़ों देशवासियों का दिल भी जीता है। उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि ऊंची उड़ान भरने के लिए हौसलों की जरूरत होती है। प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ देशवासियों की ओर से सभी खिलाड़ियों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था, जब कुछ खेलों में भारत की भागीदारी केवल औपचारिकता तक सीमित रहती थी। साल 2010 के पैरा एशियन गेम्स में भारत ने 14 पदक जीते थे, जबकि इस बार भारतीय खिलाड़ी 114 पदक लेकर लौटे हैं। 14 से 114 पदकों तक का सफर खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और समर्पण को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस बार भारत ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक जीते। इसके अलावा खिलाड़ियों ने पांच विश्व रिकॉर्ड भी बनाए। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन से देश को गौरवान्वित होने का अवसर मिला है। प्रतियोगिता में 34 बेटियां पदक विजेता बनीं। वहीं, चार स्पर्धाओं में पोडियम के तीनों स्थानों पर भारतीय खिलाड़ियों का कब्जा रहा।
युवाओं की भागीदारी को बताया नए भारत की तस्वीर
पीएम मोदी ने कहा कि ऐसा लग रहा था कि खिलाड़ियों ने पैरा एशियन गेम्स के दौरान लगातार पदक जीतने का संकल्प ले लिया था। इस बार कई ऐसी स्पर्धाओं में भी भारत को पदक मिले, जिनमें पहले कभी सफलता नहीं मिली थी।
उन्होंने पैरा निशानेबाजी में मोना अग्रवाल के रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए कहा कि जिन खेलों में पहले भागीदारी केवल औपचारिकता मानी जाती थी, अब उनमें भारत अपना दबदबा बना रहा है। कई खेलों में नए युवा खिलाड़ी सामने आ रहे हैं और नए चैंपियन तैयार हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस बार 61 खिलाड़ियों ने पहली बार पैरा एशियन गेम्स में हिस्सा लिया और पदक जीतने में कामयाबी हासिल की। वहीं, संदीप ने अपने डेब्यू में ही विश्व रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने कहा कि युवाओं की बढ़ती भागीदारी आज के भारत की तस्वीर के साथ-साथ भविष्य के भारत का संकेत भी है।
टैलेंट हंट और खेलो इंडिया को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल युवाओं को हार के बाद जीतना सिखाते हैं। इसके साथ ही अनुशासन और टीम स्पिरिट का महत्व भी समझाते हैं। इसी सोच के साथ देश में आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि स्कूलों और जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। देश में बड़ी संख्या में खेलो इंडिया सेंटर स्थापित किए गए हैं। खिलाड़ियों को ओलंपिक स्तर की तैयारी कराने के लिए टॉप्स योजना भी शुरू की गई है।
पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने लाल किले से टैलेंट हंट के जरिए युवाओं को आगे आने का आह्वान किया था। आज इसी तरह सामने आए खिलाड़ी बड़े खेल आयोजनों में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में टॉप्स योजना के तहत सहायता पाने वाले खिलाड़ियों ने 41 पदक जीते, जबकि खेलो इंडिया से जुड़े खिलाड़ियों के खाते में 19 पदक आए। यह इस बात का संकेत है कि देश में खेलों को लेकर किए जा रहे प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आधुनिक खेल नीतियां युवाओं के लिए नए अवसर तैयार कर रही हैं।
मेड इन इंडिया स्पोर्ट्स गियर पर दिया जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब समय आ गया है कि देश का स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग उद्योग भी अपनी क्षमता दिखाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब कोई भारतीय खिलाड़ी मैदान में उतरे तो उसका स्पोर्ट्स गियर, जूते और अन्य जरूरी सामान मेड इन इंडिया होने चाहिए।
पीएम ने कहा कि भारत का लक्ष्य खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय बनाना है। इसके साथ ही उनके इस्तेमाल के खेल उपकरण भी वर्ल्ड क्लास होने चाहिए।
पैरा खिलाड़ियों को दिया 2028 का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस आयोजन के बाद खिलाड़ियों को स्कूलों और अलग-अलग संस्थानों में भी आमंत्रित किया जाएगा, जहां लोग उनके अनुभवों से सीख सकेंगे। उन्होंने खिलाड़ियों से दिव्यांगजनों के जीवन को आसान बनाने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी लोगों को बताने की अपील की।
पीएम मोदी ने कहा कि दिव्यांगजनों की पेंशन को लेकर महत्वपूर्ण फैसले किए गए हैं और पेंशन की राशि बढ़ाई गई है। दिव्यांगता का मानक पहले 80 प्रतिशत था, जिसे घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। पहले पेंशन के लिए 18 वर्ष की उम्र जरूरी थी, लेकिन अब जन्म से दिव्यांग बच्चों के लिए भी पेंशन का रास्ता खोल दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इंडियन साइन लैंग्वेज को प्रोत्साहित करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। स्कूलों की किताबें भी साइन लैंग्वेज में उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि दिव्यांगजन अपनी क्षमताओं के दम पर आगे बढ़ सकें।
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि आइची-नागोया का पोडियम उनके जीवन का आखिरी पड़ाव नहीं है। उन्हें इस सफलता को आगे की उपलब्धियों के लिए लॉन्चिंग पैड की तरह इस्तेमाल करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ज्यादातर खिलाड़ियों का अगला लक्ष्य लॉस एंजिलिस 2028 होना चाहिए। भारत का प्रयास होना चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी 2028 में हिस्सा लें और अधिक से अधिक पदक जीतकर लौटें। पीएम ने खिलाड़ियों से कहा कि वे अपनी इस सफलता का जश्न मनाएं, लेकिन इसके साथ ही अगले लक्ष्य की तैयारी में भी जुट जाएं। पूरा देश उनकी अगली जीत का इंतजार कर रहा है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को एक बार फिर बधाई और शुभकामनाएं दीं। साथ ही दिवाली तक अगले पड़ाव का लक्ष्य तय करने की बात कही।
एशियन पैरा गेम्स में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
जापान के आइची-नागोया में पिछले महीने आयोजित एशियन पैरा गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था। प्रतियोगिता में भारत के 97 पैरा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और कुल 114 पदक अपने नाम किए।
भारतीय दल ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक जीते। यह एशियन पैरा गेम्स के इतिहास में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
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