अखिलेश यादव बृहस्पतिवार को पहुंचेंगे अयोध्या, पवन पांडेय के घर भागवत कथा में होंगे शामिल

HIGHLIGHTS
- अखिलेश यादव का अयोध्या में करीब एक घंटे का प्रवास प्रस्तावित है।
- श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय के आवास पर होगा।
- तेजनारायण पांडेय को पवन पांडेय के नाम से भी जाना जाता है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंचेंगे। अयोध्या धाम से करीब 12 किलोमीटर दूर पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में वह शामिल होंगे। अखिलेश यादव का करीब एक घंटे का प्रवास प्रस्तावित है, जिसमें वह धार्मिक आयोजन में हिस्सा लेंगे। हालांकि, फिलहाल उनके कार्यक्रम में राम मंदिर दर्शन शामिल नहीं है।
अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। चर्चा है कि उनकी मौजूदगी केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित रहेगी या इसके जरिए कोई चुनावी संदेश भी दिया जाएगा। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब समाजवादी पार्टी, कांग्रेस समेत विपक्षी दल ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर भाजपा के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। अयोध्या में भी सपा-कांग्रेस की ओर से लगातार प्रदर्शन और राजनीतिक गतिविधियां की जा रही हैं। ऐसे में सपा प्रमुख का अयोध्या पहुंचना पार्टी की चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
खास बात यह है कि अखिलेश यादव अयोध्या पहुंचेंगे, लेकिन अभी उनके राम मंदिर जाने का कार्यक्रम तय नहीं है। भाजपा ने इसी मुद्दे को लेकर सपा प्रमुख पर हमला तेज कर दिया है।
अखिलेश के राजनीतिक संदेश पर रहेंगी निगाहें
अखिलेश यादव का अयोध्या कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से सपा के घोषित प्रत्याशी पवन पांडेय के आवास पर हो रहा है। ऐसे में चुनाव से पहले उनके आवास पर सपा प्रमुख की मौजूदगी को संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच संदेश देने के साथ अयोध्या सीट पर पार्टी की सक्रियता बढ़ाने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है।
धार्मिक आयोजन के मंच से अखिलेश यादव की ओर से दिए जाने वाले संदेश पर भी लोगों की नजर रहेगी।
'अखिलेश यादव को अयोध्या कभी अच्छी नहीं लगेगी'
हाल ही में भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव को लेकर कहा था कि उन्हें अयोध्या कभी अच्छी नहीं लगेगी। उन्होंने कहा था कि अयोध्या में 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं चल रही हैं। इन्हें देखकर अखिलेश शायद यह सोचें कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने अयोध्या को क्यों भुला दिया था। राकेश त्रिपाठी ने यह भी कहा था कि अगर अखिलेश अब अयोध्या आकर क्षमा याचना कर लें तो पुराने पापों के लिए कुछ माफी मिल सकती है।
इससे पहले उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि अखिलेश व्यक्तिगत एजेंडे के तहत अयोध्या आ रहे हैं।
नवंबर में राम मंदिर और हनुमानगढ़ी जाएंगे अखिलेश
सपा जिलाध्यक्ष जय सिंह राणा ने कहा कि अखिलेश यादव अयोध्या धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम लला के दर्शन से किसी तरह का परहेज नहीं है। पार्टी के मुताबिक, नवंबर में अखिलेश यादव राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन करेंगे।
जय सिंह राणा ने कहा कि अयोध्या किसी एक दल की जागीर नहीं है। राम मंदिर जाने या न जाने को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय भाजपा को विकास के हर दौर का हिसाब देना चाहिए।
वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन में सनातन का जो वेग है, उसे सनातन विरोधी लोग सह नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले रोजा इफ्तार कर आमीन-आमीन करते थे, आज उन्हें राधे-राधे करने को मजबूर होना पड़ा है।
राधेश्याम त्यागी ने कहा कि ये सनातन विरोधी हैं और अयोध्या आकर रामलला के दर्शन नहीं करेंगे, यह उनका स्वभाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि इनके पूर्वजों ने रामभक्तों पर गोली चलवाई थी और सवाल किया कि ऐसे लोग रामलला के दर्शन क्यों करेंगे।
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