शुभारंभ के बाद भी नहीं घूमा बागपत की सहकारी चीनी मिलों का चक्का, किसान परेशान

HIGHLIGHTS
- बागपत की रमाला और सहकारी चीनी मिल में नए पेराई सत्र का शुभारंभ होने के बावजूद गन्ने की पेराई शुरू नहीं हुई।
- रमाला चीनी मिल का दो नवंबर और बागपत चीनी मिल का चार नवंबर को शुभारंभ किया गया था।
- रमाला मिल के जीएम ने बारिश के कारण गन्ना नहीं पहुंचने को देरी की वजह बताया।
बागपत। सहकारी चीनी मिल रमाला और बागपत में नए पेराई सत्र का शुभारंभ धूमधाम से किया गया, लेकिन इसके बावजूद अब तक दोनों मिलों में गन्ने की पेराई शुरू नहीं हो सकी है। शासन की ओर से चीनी मिलों को समय पर चालू करने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन पेराई शुरू न होने से किसान परेशान हैं। किसानों को चिंता है कि यदि समय पर गन्ने की कटाई नहीं हुई तो गेहूं की बुआई में भी देरी हो सकती है।
सहकारी चीनी मिल रमाला में दो नवंबर को नए गन्ना पेराई सत्र का शुभारंभ किया गया था। इस मौके पर राज्यमंत्री केपी मलिक के साथ अधिकारी और किसान भी मौजूद रहे। हालांकि, शुभारंभ के तीन दिन बाद भी मिल में गन्ने की पेराई शुरू नहीं हो सकी।
रमाला चीनी मिल के जीएम गोविंद मौर्य ने बताया कि बारिश के चलते मिल तक गन्ना नहीं पहुंच पा रहा था। इसी वजह से पेराई शुरू नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि दो लाख कुंतल गन्ने का इंडेंट जारी किया जा चुका है और शनिवार से चीनी मिल में पेराई शुरू कर दी जाएगी।
दूसरी ओर, सहकारी चीनी मिल बागपत में चार नवंबर को नए पेराई सत्र का शुभारंभ हुआ था। कार्यक्रम में प्रदेश के गन्ना मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी के अलावा अधिकारी, नेता और किसान शामिल हुए थे। इसके बावजूद दो दिन बीतने के बाद भी मिल में गन्ने की पेराई शुरू नहीं हो पाई।
चीनी मिल के जीएम प्रदीप कुमार ने बताया कि चार नवंबर का दिन शुभ होने के कारण पेराई सत्र का शुभारंभ कराया गया था। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण खेतों में पानी भरा हुआ है। वहीं, दीपावली के चलते श्रमिक भी काम पर नहीं पहुंच सके, जिसके कारण पेराई शुरू नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि मिल की तैयारियां पूरी हैं और दीपावली के अगले दिन से पेराई शुरू कर दी जाएगी।
बता दें कि रमाला और बागपत की इन दोनों चीनी मिलों को हजारों किसान गन्ने की आपूर्ति करते हैं। गन्ने की कटाई के बाद खेत खाली होने पर किसान गेहूं की बुआई शुरू करते हैं। ऐसे में चीनी मिलों में पेराई शुरू होने में देरी से गेहूं की बुआई भी प्रभावित होने की आशंका है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.