वाराणसी में आज से एयर शो का आगाज, गंगा के आसमान में गरजेंगे राफेल, तेजस और सुखोई

HIGHLIGHTS
- एयर शो से पहले बुधवार को अंतिम पूर्वाभ्यास किया गया, जिसे देखने के लिए घाटों पर लोग मौजूद रहे।
- नमो घाट के अलावा चंदौली की ओर पड़ाव से सटे घाटों पर भी दर्शकों के लिए इंतजाम किए गए हैं।
- सुरक्षा के लिए वॉच टावर, सीसीटीवी कैमरे और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है।
वाराणसी। भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के मौके पर वाराणसी में आयोजित एयर शो का पहला दिन आज गुरुवार को है। इस दौरान तेजस, सुखोई, जगुआर, राफेल और मिग-29 समेत कई लड़ाकू विमान आसमान में हवाई करतब दिखाएंगे।
एयर शो की तैयारियों के तहत बुधवार को अंतिम पूर्वाभ्यास किया गया। लड़ाकू विमानों की गर्जना और हेलीकॉप्टरों के करतब से गंगा के ऊपर का आसमान गूंज उठा। विमानों की तेज रफ्तार, उड़ान और हवाई करतब देखकर घाटों पर मौजूद लोग रोमांचित नजर आए।
गुरुवार से शुरू होने वाले इस आयोजन के लिए वाराणसी और जिला प्रशासन देर शाम तक तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा रहा।
एयर शो का आयोजन 22, 24 और 25 अक्टूबर को नमो घाट के आसपास किया जाएगा। गंगा के दूसरे छोर पर चंदौली की ओर पड़ाव से सटे घाटों पर भी संभावित भीड़ को देखते हुए इंतजाम किए गए हैं। कई किलोमीटर तक घाटों को समतल करने के साथ बैरिकेडिंग की गई है।
सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए वॉच टावर बनाए गए हैं और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। प्रशासन का मुख्य ध्यान भीड़ को नियंत्रित करने, लोगों की आवाजाही व्यवस्थित रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने पर है।
दर्शकों की भीड़ को देखते हुए उपचार की व्यवस्था
मुख्य एयर शो में बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए चिकित्सा शिविर लगाया गया है। इसके अलावा जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में भी उपचार की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।
यातायात और भीड़ प्रबंधन पर जोर
एयर शो के दौरान वाराणसी और चंदौली के बीच आवागमन बढ़ने की आशंका को देखते हुए यातायात प्रबंधन की तैयारी की गई है। भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
दर्शकों को निर्धारित मार्गों और सुरक्षा संबंधी निर्देशों की जानकारी देने के लिए जगह-जगह उद्घोषणा की व्यवस्था की गई है। तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में वायुसेना के हवाई कौशल के साथ सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन प्रशासन के लिए अहम चुनौती होगी।
गंगा के ऊपर होने वाला यह हवाई प्रदर्शन आम लोगों के लिए एक दुर्लभ और अद्भुत नजारा होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए एयर शो की थीम ‘विंग्स ओवर गंगा’ रखी गई है।
एयर शो में दिखेंगे प्रमुख फॉर्मेशन
काशी: तीन किरण विमान विजय के प्रतीक ‘वी’ आकार के विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। इस दौरान गंगा के ऊपर आसमान को भारतीय तिरंगे के रंगों से सजाया जाएगा।
वरुणा: भारतीय वायुसेना और भारतीय थलसेना के तीन एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टर इस फॉर्मेशन में शामिल होंगे। इनके जरिए स्लिदरिंग ऑपरेशन यानी रस्सी के सहारे जवानों को नीचे उतारने का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
केदार: काशी फॉर्मेशन के बाद एक राफेल विमान कम ऊंचाई पर सटीक एरोबेटिक करतब दिखाएगा।
हनुमान और सारनाथ: ‘हनुमान’ कॉलसाइन के तहत एक सुखोई-30 एमकेआई विमान कम ऊंचाई पर एरोबेटिक प्रदर्शन करेगा। इसके बाद ‘सारनाथ’ फॉर्मेशन में एक हार्वर्ड विमान सटीक हवाई करतब दिखाएगा।
सारंग: सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम अपनी कुशल उड़ान कला का प्रदर्शन करेगी।
ओंकार और गंगा: ‘ओंकार’ फॉर्मेशन में तीन एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर विक फॉर्मेशन में राष्ट्रीय ध्वज और भारतीय वायुसेना का ध्वज लेकर उड़ान भरेंगे। इसके बाद ‘गंगा’ फॉर्मेशन में तीन चेतक हेलीकॉप्टर पुष्पवर्षा करेंगे।
रुद्र: एक सुखोई-30 एमकेआई विमान मुख्य मंच के ऊपर से तेज गति से गुजरेगा।
भागीरथी: दो स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों (एलसीएच) और अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों का फॉर्मेशन डायमंड आकार में उड़ान भरेगा।
त्रिदेव: इस फॉर्मेशन में सबसे आगे भारतीय नौसेना का एक कामोव-31 हेलीकॉप्टर होगा। इसके साथ भारतीय वायुसेना का एक एएलएच मार्क III और भारतीय थलसेना का एक एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टर विक्ट्री फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। यह फॉर्मेशन तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त कार्यशैली, बेहतर समन्वय और एक साथ प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता को प्रदर्शित करेगा।
अलकनंदा: दो चिनूक और दो एएलएच मार्क IV हेलीकॉप्टर उल्टे विक्ट्री फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। इस फॉर्मेशन में एक चिनूक पीछे की स्थिति में होगा।
भैरव: एक सी-295 और दो डोर्नियर विमान विक्ट्री फॉर्मेशन में मुख्य मंच के सामने से उड़ान भरेंगे।
कैलाश: एक सी-130 और दो एएन-32 विमान विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।
त्रिलोचन: एक एईडब्ल्यूएंडसी विमान दो मिग-29 लड़ाकू विमानों के साथ विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेगा।
नटराज: भारतीय नौसेना का एक पी-8आई समुद्री निगरानी विमान दो मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेगा। यह फॉर्मेशन समुद्री निगरानी और हवाई युद्ध क्षमताओं के समन्वय को दर्शाएगा।
महादेव: हवा में ईंधन भरने वाला एक आईएल-78 विमान तीन मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेगा।
विश्वनाथ, पशुपति और नीलकंठ: ‘विश्वनाथ’ फॉर्मेशन में तीन सुखोई-30 एमकेआई विमान विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। इसके बाद ‘पशुपति’ फॉर्मेशन में चार जगुआर विमान डायमंड फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। फिर तीन राफेल विमानों का ‘नीलकंठ’ फॉर्मेशन होगा।
प्रचंड: सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए और मिग-29 सहित छह लड़ाकू विमान तीर के अग्रभाग जैसे एरोहेड फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।
प्रचंड फॉर्मेशन: यह भारतीय वायुसेना की अटूट युद्ध क्षमता को समर्पित है, जिसका प्रदर्शन हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ था। अग्रिम पंक्ति के ये लड़ाकू विमान वायुसेना की तत्परता, सटीक प्रहार क्षमता और राष्ट्रीय उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए निर्णायक वायु शक्ति के इस्तेमाल की क्षमता को प्रदर्शित करेंगे।
अस्सी: स्वदेशी एलसीए तेजस विमान ‘अस्सी’ कॉलसाइन के साथ आकर्षण का केंद्र बनेगा। यह स्वदेशी एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की क्षमता, उन्नत उड़ान कौशल और लड़ाकू विमानन में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित करेगा। विमान कम ऊंचाई पर एरोबेटिक प्रदर्शन करेगा।
दशाश्व: ‘दशाश्व’ फॉर्मेशन में एक सी-17 ग्लोबमास्टर विमान नौ सूर्यकिरण हॉक विमानों का नेतृत्व करते हुए मुख्य मंच के ऊपर से फ्लाईपास्ट करेगा। इसके बाद भारत की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम आसमान में अपना प्रदर्शन प्रस्तुत करेगी।
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