मुजफ्फरनगर में ‘SDM’ लिखी सरकारी गाड़ी में रील, हूटर बजाने का वीडियो वायरल

HIGHLIGHTS
- वीडियो में सरकारी वाहन के फ्रंट शीशे पर ‘SDM’ लिखा दिखाई दे रहा है।
- वीडियो करीब एक महीने पुराना बताया जा रहा है, लेकिन इसकी वास्तविक तारीख की पुष्टि नहीं हुई है।
- वाहन उस समय किसके आधिकारिक इस्तेमाल में था, इसकी जानकारी फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना एसडीएम के नाम से बताई जा रही सरकारी गाड़ी में हूटर बजाकर रील बनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक सरकारी वाहन के अंदर बैठे नजर आ रहे हैं। गाड़ी के आगे के शीशे पर ‘SDM’ लिखा दिखाई दे रहा है। साथ ही, वाहन का हूटर बजने की आवाज सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सरकारी वाहन के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मेरठ-करनाल हाईवे का बताया जा रहा वीडियो
शनिवार शाम करीब 7 बजे सामने आया यह वीडियो बुढ़ाना क्षेत्र के मेरठ-करनाल हाईवे का बताया जा रहा है। इसके करीब एक महीने पुराना होने की बात कही जा रही है। हालांकि, वीडियो किस तारीख को रिकॉर्ड किया गया था और उस समय सरकारी वाहन किसके आधिकारिक इस्तेमाल में था, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
वीडियो में कुछ युवक एसडीएम की बताई जा रही गाड़ी में बैठकर रील बनाते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान वाहन का हूटर बजता हुआ दिखाई-सुनाई देने की बात कही जा रही है। बाद में यह रील सोशल मीडिया पर अपलोड की गई, जहां से अब इसके वायरल होने की बात सामने आई है।
वीडियो वायरल होने के बाद सरकारी वाहन के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोग यह जानना चाह रहे हैं कि एसडीएम के लिए निर्धारित वाहन युवकों तक कैसे पहुंचा और क्या उन्हें इसमें बैठकर रील बनाने की अनुमति दी गई थी।
वीडियो में नजर आ रहे युवकों को बुढ़ाना एसडीएम के पूर्व ड्राइवर साजिद के परिवार से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, युवकों की पहचान और सरकारी वाहन के इस्तेमाल की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
वीडियो करीब एक महीने पुराना बताया जा रहा है। ऐसे में यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो रिकॉर्ड होने के समय सरकारी वाहन किसके पास था और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
वीडियो को लेकर आधिकारिक स्तर पर जांच या कार्रवाई हुई है या नहीं, इस संबंध में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में वीडियो की वास्तविकता, सरकारी वाहन के इस्तेमाल और हूटर बजाने की परिस्थितियों की पुष्टि के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.