CM धामी ने साहित्यकारों से किया संवाद, उत्तराखंड में बनेंगे दो 'साहित्य ग्राम'

HIGHLIGHTS
- सीएम धामी ने साहित्यकारों से संवाद कर साहित्य के महत्व पर चर्चा की।
- उत्तराखंड में साहित्यिक विकास और ‘साहित्य ग्राम’ योजना पर जोर दिया।
- रुद्रप्रयाग पुस्तकालय के लिए 50 पुस्तकें देने की घोषणा की।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेशभर से आए वरिष्ठ लेखकों और साहित्यकारों के साथ संवाद किया। इस दौरान साहित्यकारों ने मुख्यमंत्री को अपनी स्वरचित पुस्तकें भेंट कीं।
मुख्यमंत्री ने सभी लेखकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनके साहित्यिक योगदान, वर्तमान लेखन कार्यों तथा कुशलक्षेम की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्यकार समाज का दर्पण होने के साथ-साथ उसे सही दिशा दिखाने वाले मार्गदर्शक भी होते हैं। उत्तराखंड के समग्र विकास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने में साहित्यकारों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में मजबूत साहित्यिक माहौल बनाने और साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड महर्षि वेदव्यास सहित कई ऋषि-मुनियों की तपोभूमि और कर्मभूमि रही है। इस पवित्र भूमि ने ऐसे साहित्यकार दिए हैं, जिन्होंने भारतीय साहित्य को नई पहचान और ऊंचाई प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी में पढ़ने और लिखने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
साहित्य संरक्षण और साहित्य ग्राम योजना पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड भाषा संस्थान के माध्यम से प्रदेश के पुराने, बिखरे हुए और अप्रकाशित साहित्य के संग्रह, संरक्षण और प्रकाशन का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से दो ‘साहित्य ग्राम’ स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि साहित्यकारों के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए वर्ष 2022 में ‘उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान’ और वर्ष 2025 में ‘दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान’ की शुरुआत की गई है।
‘1000 पुस्तक दान अभियान’ को दिया सहयोग
हरेला पर्व के अवसर पर रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे ‘1000 पुस्तक दान अभियान’ को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपना सहयोग दिया।
‘लेखकों से संवाद’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित लेखकों की 50 पुस्तकें स्वयं खरीदकर रुद्रप्रयाग के सार्वजनिक पुस्तकालय को उपलब्ध कराने की घोषणा की।
रुद्रप्रयाग में “एक पुस्तक, एक वृक्ष, एक उज्ज्वल भविष्य” थीम के तहत सार्वजनिक पुस्तकालय के लिए पुस्तक संग्रह अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पुस्तकें समाज में ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक सोच का आधार होती हैं।
उन्होंने कहा कि यह योगदान पुस्तक दान की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं में अध्ययन की आदत विकसित करने में भी मददगार साबित होगा।
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