पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर सीएम योगी ने अर्पित की श्रद्धांजलि

HIGHLIGHTS
- पंत जी को भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था
- 1925 के काकोरी ट्रेन एक्शन के बाद उन्होंने क्रांतिकारियों की पैरवी की
- वर्ष 1937 में उन्हें यूपी का प्रीमियर चुना गया था
महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, देश के पूर्व गृहमंत्री और उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्र निर्माण और उत्तर प्रदेश के विकास में पंडित गोविंद बल्लभ पंत के योगदान को याद किया और उनकी स्मृतियों को नमन किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की पावन जयंती है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार और प्रदेश की जनता की ओर से पंत जी की स्मृतियों को नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
काकोरी के क्रांतिकारियों की मजबूती से की पैरवी
सीएम योगी ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत महान अधिवक्ता होने के साथ-साथ प्रमुख स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी थे। वर्ष 1925 में काकोरी ट्रेन एक्शन के बाद ब्रिटिश हुकूमत ने क्रांतिकारियों के खिलाफ अभियोग दर्ज किया था। इसके खिलाफ क्रांतिकारियों की मजबूती से पैरवी करने वाले प्रमुख नेताओं में पंडित गोविंद बल्लभ पंत भी शामिल थे। उन्होंने देश की आजादी के आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1937 में पंत जी को यूपी के प्रीमियर के रूप में चुना गया था। हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और स्वाधीनता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। भारत छोड़ो आंदोलन सहित समय-समय पर हुए स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न बड़े आंदोलनों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में सुशासन की नींव रखी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 1947 में देश की आजादी के साथ पंडित गोविंद बल्लभ पंत उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री बने। उस समय उत्तराखंड भी उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। ऐसे में इतने बड़े राज्य की व्यवस्था को सुशासन के मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने के साथ-साथ उन्होंने आर्थिक उन्नयन और समाज के प्रत्येक वर्ग के हितों के लिए काम किया।
पंत जी ने कई महत्वपूर्ण सुधार किए। उनके द्वारा प्रस्तुत लैंड रिफॉर्म मॉडल भी महत्वपूर्ण रहा।
गृहमंत्री के रूप में निभाई अहम भूमिका
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 1954 में पंडित गोविंद बल्लभ पंत देश के गृह मंत्री बने। गृह मंत्री के रूप में उन्होंने देश में चल रहे भाषाई संघर्ष और समाज में नए विभाजन की नींव डालने के प्रयासों का सूझ-बूझ के साथ समाधान निकाला। हिंदी को राजभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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