राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर FIR के बाद कांग्रेस हमलावर, मोदी सरकार पर साधा निशाना

HIGHLIGHTS
- एफआईआर छह अक्टूबर के विपक्षी मार्च से जुड़े मामले में दर्ज हुई।
- विपक्ष के 19 दलों ने संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च निकाला था।
- मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर था।
आकाशवाणी भवन में जबरन प्रवेश करने के आरोप में लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर तीखी टिप्पणी की। पार्टी ने कहा कि यह जोड़ी घबराई हुई और हताश है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि आगे क्या होने वाला है, इसके स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने छह अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के मार्च के दौरान आकाशवाणी भवन में जबरन प्रवेश करने के आरोप में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और उनके समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की। पार्टी ने पोस्ट में लिखा, 'वोट चोर' ज्ञानेश अपनी आदत से बाज नहीं आ रहा है। कांग्रेस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर अपीलों की सुनवाई के लिए ट्रिब्यूनल जज नियुक्त किए थे, लेकिन अब ट्रिब्यूनल के 19 जजों ने चुनाव आयोग के पोर्टल पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस के मुताबिक, जजों का कहना है कि चुनाव आयोग का पोर्टल उनके काम में बाधा बन रहा है और उसमें कई खामियां हैं।
पार्टी ने इन खामियों को लेकर कहा कि:
ट्रिब्यूनल सीधे राजनीतिक दलों को नोटिस नहीं भेज सकते।
ट्रिब्यूनल ऑनलाइन सुनवाई नहीं कर पा रहे हैं।
अपीलों का रिकॉर्ड रखने की सुविधा नहीं है, क्योंकि रिकॉर्ड डिजिटल नहीं किए गए हैं।
अपीलकर्ता ट्रिब्यूनल का आदेश डाउनलोड नहीं कर सकता और न ही उसकी प्रमाणित कॉपी प्राप्त करने का विकल्प है।
ट्रिब्यूनल दस्तावेज स्टोर नहीं कर सकते और जज, डीएम या डीईओ को ईमेल भेजने पर प्रतिक्रिया भी बहुत खराब रहती है।
कांग्रेस ने आगे आरोप लगाते हुए लिखा, 'साफ है- पहले तो मोदी के इशारे पर ज्ञानेश ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर के नाम पर लोगों के वोट काटे और अब जजों को काम नहीं करने दे रहे हैं।' पार्टी ने ज्ञानेश कुमार और उनके कथित 'आका' को लेकर भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि सबका हिसाब होगा।
आकाशवाणी भवन में क्या हुआ था?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और एसआईआर खत्म करने की मांग को लेकर विपक्ष के 19 दलों ने मंगलवार को संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च निकाला था। पुलिस द्वारा संसद मार्ग बंद किए जाने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य सांसद संसद मार्ग स्थित आकाशवाणी भवन में प्रवेश कर धरने पर बैठ गए थे।
इसके बाद दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन में जबरन प्रवेश करने के आरोप में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसके बाद विपक्ष की ओर से सरकार पर लगातार हमला किया जा रहा है।
पुलिस ने क्या जानकारी दी?
पुलिस ने बुधवार को बताया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ-साथ अन्य इंडिया ब्लॉक सांसदों के खिलाफ मंगलवार को चुनाव आयुक्त के विरोध प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन परिसर में बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस के मुताबिक, यह धरना करीब आठ घंटे तक चला। रात आठ बजे के बाद पुलिस ने सभी सांसदों को हिरासत में लेकर किंग्सवे कैंप पहुंचाया और धरना समाप्त कराया। इसके बाद रात 10 बजे राहुल गांधी समेत सभी सांसदों को रिहा कर दिया गया।
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