बेंगलुरु में CJP करेगी 'चप्पल प्रोटेस्ट', 8 अक्टूबर को फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन

HIGHLIGHTS
- प्रदर्शन से पहले SIR पर 'पीपल्स ट्रिब्यूनल' आयोजित होगा।
- वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया जाएगा।
- आशुतोष रंका ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कार्यक्रम की जानकारी दी।
बेंगलुरु। कॉकरोच जनता पार्टी के को-कन्वीनर आशुतोष रंका ने मंगलवार को बेंगलुरु में 'चप्पल प्रोटेस्ट' करने का ऐलान किया। CJP के मुताबिक, यह प्रदर्शन गुरुवार, 8 अक्टूबर को फ्रीडम पार्क में आयोजित किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन से पहले CJP की ओर से वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को लेकर 'पीपल्स ट्रिब्यूनल' (जन-अदालत) का आयोजन किया जाएगा।
बेंगलुरु में चप्पल प्रोटेस्ट करेगी CJP
आशुतोष रंका ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि गुरुवार को बेंगलुरु में कार्यक्रमों को लेकर काफी हलचल रहेगी। उन्होंने कहा कि फ्रीडम पार्क में सुबह 10.30 बजे से कार्यक्रम शुरू होगा।
रंका ने बताया कि गुरुवार, 8 अक्टूबर को SIR पर आयोजित पीपल्स ट्रिब्यूनल में शामिल होकर उन कन्नड़ लोगों से बातचीत की जाएगी, जिनके नाम कथित तौर पर गलत तरीके से वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं।
उन्होंने चप्पल प्रोटेस्ट के बारे में कहा कि इसके बाद महिलाओं के समर्थन में 'चप्पल विरोध प्रदर्शन' किया जाएगा। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की उम्मीद जताई।
CJP के प्रोटेस्ट में शामिल होंगे एक्टर प्रकाश राज
कॉकरोच जनता पार्टी के इस विरोध प्रदर्शन में CJP फाउंडर अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रंका के अलावा एक्टर प्रकाश राज तथा युवा और सिविल सोसाइटी संगठनों के अन्य प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है।
प्रकाश राज ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि कॉकरोच, दीपके, आशुतोष, सौरव और सभी युवा संगठनों व सिविल सोसाइटी की ओर से 'पीपल्स ट्रिब्यूनल' (जन-अदालत) आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें राज्यभर से SIR के पीड़ित शामिल होंगे।
एक्टर ने आगे सभी नागरिकों से लोकतंत्र को बचाने की इस लड़ाई में हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने लोगों से 8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में कार्यक्रम में शामिल होने को कहा।
SIR को लेकर CJP का प्रोटेस्ट
CJP समेत विरोध कर रहे अन्य संगठन मांग कर रहे हैं कि SIR के दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटाने के सभी फैसलों को रद्द किया जाए और SIR से पहले वाली वोटर लिस्ट को ही बरकरार रखा जाए।
इन संगठनों की ओर से चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की जा रही है।
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