धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर रिया मल्ला के पिता की प्रतिक्रिया, बोले- शिक्षा व्यवस्था में सुधार जरूरी

HIGHLIGHTS
- रिया मल्ला के पिता राजेश मल्ला ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी।
- उन्होंने कहा- सिर्फ इस्तीफा नहीं, पूरी परीक्षा प्रणाली में सुधार जरूरी है।
- सीएम धामी ने धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा क्षेत्र में योगदान की सराहना की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिवंगत नीट-यूजी अभ्यर्थी रिया मल्ला के पिता राजेश मल्ला की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि वह जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में अपनी बेटी की आवाज उठाने पहुंचे थे। राजेश मल्ला ने कहा कि केवल एक व्यक्ति के पद से हटने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में बड़े स्तर पर सुधार की आवश्यकता है।
राजेश मल्ला ने बताया कि उनकी बेटी हमेशा कहती थी कि देश की शिक्षा नीति और परीक्षा व्यवस्था में कई कमियां हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से मेहनत करने वाले और ईमानदार छात्रों के वर्षों के प्रयास प्रभावित होते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान उन्होंने बड़ी संख्या में युवाओं और छात्रों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते देखा। अगर उनकी बेटी आज जीवित होती तो वह भी इस आंदोलन का हिस्सा होती, इसी भावना के साथ वह प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
उन्होंने कहा कि अगर समय रहते परीक्षा प्रणाली में सुधार किए जाते और छात्रों का भरोसा कायम रखा जाता तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती थीं। राजेश मल्ला ने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार किए जाने को सकारात्मक कदम बताया, लेकिन साथ ही कहा कि केवल एक व्यक्ति को हटाना समाधान नहीं है।
उन्होंने परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी, आसान और निष्पक्ष बनाने की जरूरत बताई, ताकि छात्रों को बिना डर और अनिश्चितता के अपनी मेहनत के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में ऐसे बदलाव होने चाहिए, जिससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो और अभिभावकों का विश्वास भी बना रहे।
सीएम धामी ने की धर्मेंद्र प्रधान के योगदान की सराहना
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान ने भारत की शिक्षा व्यवस्था को नई दृष्टि, नई दिशा और दूरदर्शी नेतृत्व दिया।
सीएम धामी ने कहा कि उनके नेतृत्व में शिक्षा क्षेत्र में केवल नीतिगत बदलाव नहीं हुए, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुसार एक मजबूत, समावेशी और आत्मनिर्भर शिक्षा व्यवस्था की नींव रखी गई। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में धर्मेंद्र प्रधान के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
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