जौहर ट्रस्ट मामले में आजम खां के करीबी सपा विधायक नसीर अहमद से ED ने 7 घंटे की पूछताछ

HIGHLIGHTS
- नसीर जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव रह चुके हैं।
- ट्रस्ट के फैसलों और चंदे से जुड़े सवाल पूछे गए।
- जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण को लेकर भी जानकारी ली गई।
लखनऊ: पूर्व मंत्री आजम खां और उनके परिवार से जुड़े जौहर ट्रस्ट की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच अब उनके करीबी राजनेताओं तक भी पहुंच गई है। ईडी ने मंगलवार को रामपुर की चमरौआ सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक नसीर अहमद खां से करीब सात घंटे तक पूछताछ की। नसीर जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव रह चुके हैं। इसी संबंध में ईडी ने उन्हें समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था।
सूत्रों के अनुसार, ईडी अधिकारियों ने ट्रस्ट में लिए जाने वाले फैसलों में नसीर की भूमिका, दान दिलाने और जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्य से जुड़े सवाल किए। इसके अलावा शत्रु संपत्ति मामले में भी उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ हुई। अधिकारियों को आशंका है कि ट्रस्ट के कई अहम फैसलों में नसीर की भूमिका रही है।
पूछताछ के दौरान नसीर ने ट्रस्ट में अपनी भूमिका से इनकार किया और कई सवालों के जवाब देने से बचते रहे। ईडी ने उन्हें ट्रस्ट के संयुक्त सचिव के तौर पर उनकी नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों के साथ दोबारा पूछताछ के लिए बुलाए जाने की हिदायत देकर जाने दिया।
आयकर जांच के दायरे में भी रहे हैं नसीर
आजम खां के साथ मिलकर शत्रु संपत्ति हड़पने के मामले में नसीर के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज है। इस मामले में अंतरिम जमानत की अवधि खत्म होने के बाद उन्हें सरेंडर करना पड़ा था। पुलिस ने आजम खां, उनकी पत्नी तंजीन फात्मा, दोनों बेटों अदीब और अब्दुल्ला आजम, बहन निखत अखलाक तथा नसीर अहमद समेत सात आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।
जौहर ट्रस्ट से जुड़ी जांच के दौरान आयकर विभाग ने नसीर अहमद के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। अब ईडी के इस मामले को भी अपनी जांच में शामिल करने से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ईडी अब ट्रस्टी शहरयार खां से पूछताछ की तैयारी कर रही है। शहरयार ने खुद को डमी ट्रस्टी बताया था।
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