फ्लाईदुबई की फ्लाइट ने भेजा हाईजैक कोड, पायलटों की झड़प के बाद सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग

HIGHLIGHTS
- फ्लाइट बुधवार सुबह दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी।
- विमान में करीब 180 इस्राइली यात्रियों के सवार होने की जानकारी है।
- उड़ान के दौरान विमान अचानक अपने निर्धारित मार्ग से हट गया।
दुबई। दुबई से इजराइल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में उड़ान के दौरान अचानक ऐसी स्थिति बन गई कि विमान को अपना मार्ग बदलकर सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। घटना के सामने आने के बाद इजराइल में भी हलचल बढ़ गई।
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, दुबई से उड़ान भरने के बाद बोइंग 737 विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा। महज दो मिनट में विमान करीब 17,400 फीट नीचे आ गया। यानी 34,000 फीट की ऊंचाई से विमान सीधे 16,600 फीट तक पहुंच गया।
विमान से भेजे गए इमरजेंसी और हाईजैक कोड
जब विमान तेजी से नीचे आने लगा और स्थिति गंभीर हो गई, तब फ्लाइट से '7700' यानी जनरल इमरजेंसी कोड भेजा गया। इसके कुछ ही समय बाद कोड बदलकर '7500' कर दिया गया। '7500' विमान पर कब्जे यानी हाईजैक का संकेत माना जाता है।
इस कोड के सामने आने के बाद दुनियाभर में घटना को लेकर चिंता बढ़ गई और विमान के हाईजैक होने की अटकलें लगने लगीं। इसके बाद यह सवाल उठने लगा कि आखिर विमान के अंदर ऐसा क्या हुआ, जिसके कारण हाईजैक का कोड भेजना पड़ा।
पायलटों के बीच झड़प की बात सामने आई
शुरुआती आशंका के बाद इजरायली मीडिया और सुरक्षा अधिकारियों की ओर से सामने आई जानकारी में बताया गया कि घटना किसी बाहरी आतंकी हमले के कारण नहीं हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान के दोनों पायलटों के बीच कॉकपिट के अंदर ही किसी बात को लेकर गंभीर झड़प हुई।
रिपोर्ट्स में बताया गया कि दोनों पायलटों के बीच कॉकपिट के भीतर भयंकर विवाद हुआ था।
एक पायलट के आत्महत्या की कोशिश का दावा
एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया कि दोनों में से एक पायलट विमान को क्रैश करके आत्महत्या करना चाहता था।
'द टाइम्स ऑफ इजराइल' के अनुसार, विमान में मौजूद कुछ यात्रियों ने बताया कि कॉकपिट के अंदर एक पायलट पर चाकू से हमला भी किया गया था। इसके बाद कुछ इजरायली यात्रियों ने क्रू की मदद की और हमलावर को काबू में किया।
विमान में करीब 180 इजरायली यात्री सवार थे
हाईजैक का सिग्नल मिलने के बाद इजराइल में भी हड़कंप मच गया। तेल अवीव ने तुरंत अपने फाइटर जेट आसमान में भेज दिए। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति पर नजर रखी।
बाद में विमान को सऊदी अरब के तबूक मिलिट्री और सिविल बेस पर सुरक्षित उतार लिया गया।
राहत की बात यह रही कि घटना में विमान में सवार सभी यात्री और क्रू मेंबर सुरक्षित बताए गए हैं। यूएई और इजराइल के बीच 2020 में रिश्ते सामान्य होने के बाद दोनों देशों के बीच लगातार कमर्शियल उड़ानें संचालित हो रही हैं। हालांकि, इस घटना ने विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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