60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज में मुफ्त सफर, एक सप्ताह में 200 से ज्यादा ने उठाया लाभ

HIGHLIGHTS
- चंद्रावती देवी इलाज के लिए 500 रुपये लेकर जिला मुख्यालय पहुंची थीं।
- डॉक्टर की फीस और दवा लेने के बाद उनके पास 100 रुपये ही बचे थे।
- आधार कार्ड देखकर कंडक्टर ने उनका जीरो टिकट बना दिया।
अंबेडकरनगर। सुलतानपुर के कादीपुर की चंद्रावती देवी जिला मुख्यालय में निजी चिकित्सक से इलाज कराने के लिए सिर्फ 500 रुपये लेकर आई थीं। इसमें से 100 रुपये डॉक्टर की फीस में चले गए, जबकि 300 रुपये की दवाएं खरीद लीं। घर लौटने के लिए उनके पास केवल 100 रुपये किराये के लिए बचे थे।
पटेल नगर से बस अड्डे तक करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचीं चंद्रावती को सोमवार दोपहर करीब 12 बजे अकबरपुर से कादीपुर-प्रयागराज जाने वाली रोडवेज बस दिखाई दी। बस के कंडक्टर सूरज यादव कादीपुर, सुलतानपुर और प्रयागराज जाने के लिए आवाज लगा रहे थे।
कंडक्टर ने चंद्रावती से कहा, "दादी बैठो बस में, तुम्हारा तो किराया भी नहीं लगेगा।" यह सुनकर चंद्रावती का चेहरा खिल गया। उन्होंने आधार कार्ड निकाला। कंडक्टर ने आधार कार्ड देखकर जीरो टिकट बना दिया।
इस तरह अकबरपुर से कादीपुर का 51 रुपये का किराया बच गया। गर्मी और भूख से परेशान चंद्रावती ने तुरंत 20 रुपये का समोसा खाया और पानी पिया। उन्होंने कहा कि अब वह मुफ्त में बस से घर जाएंगी और उनका किराया भी बच गया।
आजमगढ़ से अयोध्या जाने वाली बस में सवार गोसाईंगंज की 60 वर्षीय गीता देवी न्यायालय में तारीख पर आई थीं। उन्होंने बताया कि आधार कार्ड दिखाने के बाद उनकी मुफ्त यात्रा हुई। जो किराया देना पड़ता, वह पैसा उन्होंने वकील की फीस में दे दिया। गीता देवी ने कहा कि सरकार ने बहुत अच्छी सुविधा दी है।
आजमगढ़ की सावित्री देवी बस से मरैला स्थित अपने मायके पहुंचीं। उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है और सरकार ने बुजुर्ग महिलाओं के बारे में सोचा है। अब किराये की चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि अब हर महीने जब भी समय मिलेगा, वह मायके आएंगी। पहले 100-50 रुपये भी बचाना मुश्किल होता था, लेकिन अब मुफ्त सफर हो रहा है।
अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना बुजुर्ग महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। एक सप्ताह के भीतर 60 वर्ष से अधिक उम्र की 200 से ज्यादा महिलाओं ने रोडवेज बसों में निश्शुल्क यात्रा की है।
अकबरपुर डिपो की 94 बसों में इस योजना के तहत दिल्ली, आजमगढ़, लखनऊ, मऊ, गोरखपुर और प्रयागराज रूट पर बुजुर्ग महिलाओं को केवल आधार कार्ड दिखाना होता है। इसके बाद उन्हें टिकट लेने की जरूरत नहीं पड़ती।
स्टेशन इंचार्ज लक्ष्मी सिंह ने बताया कि आधार कार्ड में दर्ज उम्र के आधार पर महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है। यात्रियों के स्मार्ट कार्ड अभी बनना शुरू नहीं हुए हैं, जल्द ही इसका शुभारंभ होगा।
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