पद से विदाई के बाद पहली बार राम मंदिर पहुंचे चंपत राय, 3 घंटे कर्मचारियों संग की बैठक

HIGHLIGHTS
- व्यवस्थाओं को लेकर बंद कमरे में करीब तीन घंटे तक बातचीत हुई।
- दर्शन और निकास मार्ग के आसपास निगरानी बढ़ाने पर चर्चा हुई।
- सीसीटीवी कैमरों की खरीद को लेकर कर्मचारियों को विशेष निर्देश दिए गए।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी होने की घटना के करीब ढाई महीने बाद पूर्व महासचिव चंपत राय रविवार को एक बार फिर मंदिर परिसर पहुंचे। पद से विदाई और ट्रस्ट की नई टीम के गठन के बाद पहली बार वह मंदिर परिसर में इस तरह सक्रिय नजर आए। चंपत राय ने ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के साथ यात्री सेवा केंद्र पहुंचकर वहां तैनात 12 से अधिक कर्मचारियों के साथ करीब तीन घंटे तक बंद कमरे में मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की।
इसके बाद दोनों ने यात्री सेवा केंद्र, दर्शन मार्ग और निकास मार्ग के आसपास सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए 34 सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। मंदिर में चढ़ावे की रकम से संबंधित चोरी की घटना के बाद व्यवस्थाओं में बदलाव और निगरानी बढ़ाने को लेकर लगातार विचार-विमर्श चल रहा है। इसी बीच चंपत राय का अचानक मंदिर परिसर पहुंचना और कर्मचारियों के साथ लंबी बैठक करना चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि ट्रस्ट में अब उनका कोई औपचारिक पद नहीं है, लेकिन रविवार की गतिविधि से यह स्पष्ट है कि मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर उनके अनुभव को अब भी अहम माना जा रहा है।
औपचारिक वापसी की संभावनाएं नहीं
नई नियुक्तियों के बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र की ट्रस्ट में औपचारिक वापसी की संभावनाएं लगभग समाप्त मानी जा रही हैं। इसके बावजूद मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चंपत राय की सक्रियता से संकेत मिलता है कि पद पर नहीं होने के बावजूद ट्रस्ट उनके लंबे अनुभव का अनौपचारिक रूप से इस्तेमाल करता रहेगा।
कर्मचारियों से कहा- कैमरे एक ही जगह से न खरीदें
यात्री सेवा केंद्र में हुई चर्चा के दौरान सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी कैमरों की खरीद को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। कर्मचारियों से कहा गया कि सभी कैमरे किसी एक ही स्थान से नहीं खरीदे जाएं।
एक कर्मचारी ने बताया कि चंपत राय के कुछ मेहमान दक्षिण भारत से अयोध्या आए थे और वह उन्हीं से मिलने के लिए यात्री सेवा केंद्र पहुंचे थे। इस मामले में राम मंदिर के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि उन्हें चंपत राय के यात्री सेवा केंद्र जाने और कर्मचारियों के साथ चर्चा करने की कोई जानकारी नहीं है।
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