यूपी के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! दिवाली से पहले बोनस और डीए पर बड़ा फैसला संभव

HIGHLIGHTS
- राज्य सरकार केंद्र के डीए संबंधी फैसले का इंतजार कर रही है।
- सातवें वेतनमान वाले कर्मचारियों को फिलहाल 60 प्रतिशत डीए मिल रहा है।
- लेबर इंडेक्स के आधार पर तीन प्रतिशत डीए बढ़ने का अनुमान है।
लखनऊ। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच प्रदेश सरकार दिवाली से पहले राज्य कर्मचारियों को बोनस और महंगाई भत्ता (डीए) देने की तैयारी कर रही है। बोनस से संबंधित आदेश जल्द जारी होने की संभावना है।
महंगाई भत्ते की घोषणा के लिए राज्य सरकार फिलहाल केंद्र के फैसले का इंतजार कर रही है। केंद्र सरकार जैसे ही अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते का निर्णय लेगी, उसके बाद राज्य सरकार भी डीए को लेकर आदेश जारी करेगी। बोनस और डीए को लेकर वित्त विभाग में गतिविधियां तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, महंगाई भत्ते को लेकर केंद्रीय कैबिनेट की बैठक जल्द होने वाली है। फिलहाल सातवें वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों को 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। अधिकारियों के अनुसार लेबर इंडेक्स में महंगाई दर तीन प्रतिशत है। ऐसे में डीए में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि के साथ पेंशनर्स की महंगाई राहत में भी इजाफा होगा।
अतिरिक्त धनराशि दे सकती है सरकार
विधानसभा चुनाव से पहले दिसंबर में होने वाले शीतकालीन सत्र के दौरान राज्य सरकार इस वित्तीय वर्ष का दूसरा अनुपूरक बजट पेश करने की तैयारी में है। इसके जरिए कुछ नई योजनाओं के लिए धनराशि उपलब्ध कराने के साथ मौजूदा योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट की व्यवस्था की जा सकती है।
सरकार का सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। दिसंबर में संभावित दूसरे अनुपूरक बजट का आकार करीब 50 हजार करोड़ रुपये हो सकता है। महिलाओं को कारोबार शुरू करने के लिए 40 हजार रुपये देने के साथ युवाओं के लिए भी सरकार नई घोषणाएं कर सकती है।
गौरतलब है कि सरकार ने फरवरी में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9.12 लाख करोड़ रुपये का मूल बजट पेश किया था। इसके बाद अगस्त में 59,019 करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया गया था।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.