UN में नेतन्याहू के भाषण के दौरान खाली हुआ हॉल, पेजर दिखाकर हिजबुल्लाह पर साधा निशाना

HIGHLIGHTS
- नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित किया।
- भाषण के दौरान इजरायल के पिछले तीन वर्षों के सैन्य अभियानों का जिक्र किया।
- उन्होंने सात मोर्चों पर लड़ाई का दावा किया।
वाशिंगटन। दुनिया भर में बढ़ते राजनयिक अलगाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित किया। उनके मंच पर पहुंचते ही कई देशों के प्रतिनिधि विरोध में सदन से बाहर चले गए। इसके बाद हॉल की बड़ी संख्या में सीटें खाली नजर आईं।
इसके बावजूद नेतन्याहू ने इजरायल का पक्ष आक्रामक अंदाज में रखा। भाषण के दौरान उन्होंने एक पेजर दिखाया और मौजूद लोगों से पूछा कि क्या उन्हें बीपर्स याद हैं। इसके जरिए उन्होंने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल के खुफिया अभियान का जिक्र किया। नेतन्याहू ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में इजरायली सैनिकों ने सात मोर्चों पर युद्ध लड़ा है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई न्यू जर्सी के आकार का दूसरा देश है, जो तीन साल तक सात मोर्चों पर लड़ सके। अपने भाषण में उन्होंने ईरान के नेताओं के साथ-साथ न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी और सहयोगी देशों ब्रिटेन, फ्रांस तथा तुर्की पर भी तीखी टिप्पणी की।
नेतन्याहू ने कहा कि वे इजरायल को धरती से मिटाने के लिए संगठित हुए थे। उन्होंने दावा किया कि इजरायल ने अपने अमेरिकी सहयोगियों के साथ मिलकर उन सभी पर विनाशकारी प्रहार किए और ईरानी सेना तथा उसके परमाणु प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाया।
नेतन्याहू ने पेजर दिखाकर हिजबुल्लाह का किया जिक्र
भाषण के दौरान नेतन्याहू ने एक पेजर भी दिखाया। यह उन उपकरणों की तरह था, जिन्हें कथित तौर पर इजरायली खुफिया एजेंसियों ने विस्फोटकों के साथ तैयार कर हिजबुल्लाह के सदस्यों तक पहुंचाया था। सितंबर 2024 में हुए इन विस्फोटों में हिजबुल्लाह के कई सदस्य और आम नागरिक भी मारे गए थे।
नेतन्याहू ने कहा कि क्या आपको बीपर याद हैं? उन्होंने आगे कहा कि हिजबुल्लाह निश्चित रूप से उन्हें याद रखता है।
उन्होंने तुर्की पर हमास का समर्थन करने का आरोप लगाया और राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन को तानाशाह कहा। इसके अलावा न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी पर भी निशाना साधा। उन्होंने ब्रिटेन और फ्रांस के औपनिवेशिक अतीत को लेकर भी टिप्पणी की।
नेतन्याहू ने कहा कि ये देश इजरायल जैसे छोटे देश पर उपनिवेशवाद का आरोप लगाते हैं और कहा कि इस शब्द का आविष्कार उन्हीं देशों ने किया था।
नेतन्याहू का न्यूयॉर्क दौरा काफी संक्षिप्त रहा और वह जल्द ही इजरायल लौटने वाले हैं, जहां चुनाव प्रचार चल रहा है। इस यात्रा के दौरान अमेरिका के किसी शीर्ष नेता के साथ उनकी मुलाकात का कार्यक्रम नहीं था।
नेतन्याहू के संबोधन के दौरान प्रतिनिधियों का वॉकआउट
नेतन्याहू के भाषण का कई देशों के प्रतिनिधियों ने विरोध किया। उनके मंच पर आते ही दर्जनों राजनयिक हॉल से बाहर चले गए। हॉल में मौजूद इजरायली प्रतिनिधिमंडल ने खड़े होकर उनका समर्थन किया।
खाली हो रहे हॉल को देखते हुए नेतन्याहू ने वहां मौजूद प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर कोई अन्य नैतिक रूप से कायर व्यक्ति अभी भी हॉल में है तो वह भी बाहर चला जाए।
ईरान पर नेतन्याहू का निशाना
नेतन्याहू ने ईरान को हत्यारी तानाशाही बताया। उन्होंने दावा किया कि इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए हमलों ने तेहरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोक दिया है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने ईरान की सरकार को परमाणु बम विकसित करने से रोकने की कसम खाई थी। उनके मुताबिक ऐसे परमाणु हथियारों का उद्देश्य इजरायल को नष्ट करना है और वे पूरी दुनिया के लिए खतरा बन सकते हैं।
नेतन्याहू ने यह भी दावा किया कि कई देशों के नेताओं ने ईरान के परमाणु हथियारों को नष्ट करने के लिए निजी तौर पर इजरायल को धन्यवाद दिया है।
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