यूपी में भारी बारिश का अलर्ट, 8 जिलों में रेड और 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

HIGHLIGHTS
- बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र का यूपी पर असर पड़ा है।
- नेपाल सीमा से लगे तराई क्षेत्रों में बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है।
- पूर्वांचल और मध्य यूपी के कई हिस्सों में भी बारिश हो सकती है।
बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र के पश्चिमी विक्षोभ के साथ इंटरेक्शन के बाद उत्तर प्रदेश में बारिश का असर और बढ़ गया है। नेपाल सीमा से सटे तराई और पूर्वांचल के कई क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे से रुक-रुककर बारिश हो रही है। लगातार वर्षा के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं कई इलाकों में तापमान गिरने से मौसम में ठंडक महसूस होने लगी है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, शनिवार को प्रदेश में बारिश का दायरा और बढ़ने की संभावना है। कई जिलों में भारी से लेकर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। नेपाल सीमा से जुड़े तराई क्षेत्र में बारिश का असर सबसे ज्यादा रहने की संभावना जताई गई है। बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है और यह सामान्य से नीचे पहुंच गया है।
मौसम विभाग ने श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन आठ जिलों और आसपास के इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी है।
इसके अलावा बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। पूर्वांचल, मध्य और पश्चिमी यूपी के बड़े हिस्से में भी बारिश होने की संभावना है।
गोंडा में स्कूलों में शिक्षण कार्य बंद, 28 सितंबर को खुलेंगे
बारिश की स्थिति को देखते हुए डीएम प्रियंका निरंजन ने शनिवार को भी गोंडा जिले में नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों में शिक्षण कार्य बंद रखने का आदेश दिया है। अब स्कूल 28 सितंबर को खुलेंगे। डीआईओएस डॉ. रामचंद्र और बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि सभी संबंधित स्कूल संचालकों को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ में स्कूलों में अवकाश
बारिश के अलर्ट को देखते हुए जिलाधिकारी ने लखनऊ में कक्षा एक से 12 तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।
बलरामपुर में भी स्कूल बंद
बलरामपुर में शनिवार को कक्षा एक से 12 तक के सभी बोर्ड के विद्यालय बंद रहेंगे। अवकाश के दौरान शिक्षक विभागीय कार्य करेंगे।
सीतापुर, बाराबंकी और श्रावस्ती में भी छुट्टी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मद्देनजर सीतापुर, बाराबंकी और श्रावस्ती में भी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। इन जिलों में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।
ये जिले रेड अलर्ट में
अति भारी बारिश: तराई क्षेत्र के आठ जिले श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर रेड अलर्ट में हैं।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले
भारी से बहुत भारी बारिश: बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
39 जिलों में येलो अलर्ट
भारी बारिश: कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीरनगर, कुशीनगर, महाराजगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, कासगंज, मैनपुरी, इटावा और औरैया में येलो अलर्ट है।
59 जिलों में गरज-चमक और तेज हवा की आशंका
59 जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवा के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है। इनमें कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, लखनऊ, मेरठ, बरेली और रामपुर आदि शामिल हैं।
इन जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जबकि झोंकों के दौरान इसकी गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता के निर्देश
भारी बारिश की चेतावनी के बीच राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शुक्रवार को रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की।
राहत आयुक्त ने लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में रेड अलर्ट को देखते हुए जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
वहीं लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, मुरादाबाद, बरेली, बदायूं, बाराबंकी और रायबरेली समेत ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहकर सुरक्षात्मक कदम उठाने के लिए कहा गया है।
27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने का अनुमान
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में बने कम दबाव के क्षेत्र यानी डिप्रेशन के चलते उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने का अनुमान है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद आजमगढ़, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, लखनऊ, कानपुर नगर और फतेहपुर समेत कई जिलों के वाटरशेड यानी जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
इसके अलावा तेज आंधी और वज्रपात के खतरे से बचाव के लिए प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति खुले आसमान, पेड़ के नीचे या पार्कों में न रुके।
प्रशासन ने नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा को अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए अधिकारियों को खुद मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय संचार माध्यमों और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए मौसम संबंधी चेतावनियों और जरूरी सावधानियों का व्यापक प्रचार किया जा रहा है।
किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए सभी राहत और बचाव टीमों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। राहत आयुक्त ने आम लोगों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और प्रशासन तथा मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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