हिमाचल में मानसून का कहर, बारिश-भूस्खलन से एक की मौत; 270 सड़कें बंद

HIGHLIGHTS
- हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित, एक व्यक्ति की मौत और पांच लोग घायल हुए हैं।
- प्रदेश में 270 सड़कें बंद, 486 बिजली ट्रांसफार्मर और 50 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
- छह जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी, प्रशासन ने नदी-नालों और भूस्खलन वाले इलाकों में सतर्कता बढ़ाई है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। बीते 24 घंटे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं।
लगातार बारिश के कारण प्रदेश की 270 छोटी-बड़ी सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं 486 बिजली ट्रांसफार्मर और करीब 50 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। कई जगहों पर वाहन भी मलबे की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए शुक्रवार को सोलन और सिरमौर जिलों में शिक्षण संस्थान बंद रखे गए। वहीं कालका-शिमला रेल मार्ग पर पत्थर गिरने के कारण ट्रेनें घंटों तक प्रभावित रहीं। ऊंचाई वाले इलाकों में रोहतांग दर्रा समेत कई चोटियों पर हल्की बर्फबारी भी दर्ज की गई।
पत्थर गिरने से बुजुर्ग की मौत, पांच घायल
कुल्लू जिले के आनी क्षेत्र में शुक्रवार को पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से 70 वर्षीय शिव राम की मौत हो गई। बताया गया कि वह पैदल च्वाई की ओर जा रहे थे, तभी अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
वहीं सोलन जिले के कुनिहार क्षेत्र में गंबरपुल-सरली मार्ग पर पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण एक इनोवा वाहन इसकी चपेट में आ गया। हादसे में पांच लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
बारिश के कारण रावी, ब्यास, पार्वती और सतलुज जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन ने नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
शिमला समेत कई जिलों में सड़क संपर्क प्रभावित
राजधानी शिमला में गुरुवार से शुरू हुई तेज बारिश शुक्रवार को भी जारी रही। कई स्थानों पर भूस्खलन के चलते यातायात प्रभावित हुआ। रामपुर क्षेत्र में गानवी खड्ड का जलस्तर बढ़ने से सड़क का एक हिस्सा बह गया, जिससे आसपास की पंचायतों का संपर्क टूट गया।
चंबा में भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़ामुख के पास चट्टान गिरने से यातायात करीब चार घंटे तक बाधित रहा। वहीं मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी पत्थर गिरने से कुछ समय के लिए आवाजाही प्रभावित हुई।
शिमला-कालका फोरलेन और रेल मार्ग पर असर
सोलन के कुमारहट्टी के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने के बाद शिमला-कालका फोरलेन पर सुरक्षा के लिहाज से यातायात को वन-वे किया गया।
कालका-शिमला विश्व धरोहर रेल ट्रैक पर बड़ोग और शोघी के पास मलबा और पत्थर गिरने से ट्रेनें काफी देर तक रुकी रहीं। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
चंबा के डलहौजी क्षेत्र में हरियाणा से आए पर्यटकों की कार पर पेड़ गिर गया। हालांकि वाहन में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए, लेकिन कार को नुकसान पहुंचा है।
छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के छह जिलों कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर के कुछ इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 14 जुलाई तक इन क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि 16 जुलाई तक प्रदेश में मौसम खराब रहने का अनुमान है।
बांधों से छोड़ा गया पानी, प्रशासन अलर्ट
गिरि नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद जटौन बैराज के सभी 10 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। वहीं ब्यास नदी में जलस्तर बढ़ने पर पंडोह डैम से भी पानी छोड़ा जा रहा है।
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास जाने से बचने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है। सरकार ने जिला प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पटवारियों और कानूनगो को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने को कहा गया है।
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