हिमाचल में बारिश का कहर जारी, 178 सड़कें बंद और 141 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित

HIGHLIGHTS
- हिमाचल प्रदेश में बारिश से 178 सड़कें बंद, 141 बिजली डीटीआर और 188 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं।
- मौसम विभाग ने 29 जुलाई तक बारिश जारी रहने और 27 से 29 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी दी है।
- मंडी जिला बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 71 सड़कें बंद हैं।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून का प्रभाव लगातार बना हुआ है। प्रदेश में हो रही बारिश के कारण जनजीवन अभी भी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की गुरुवार सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में अभी 178 सड़कें बंद हैं, जबकि 141 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (डीटीआर) प्रभावित हैं। इसके अलावा 188 पेयजल योजनाओं पर भी बारिश का असर पड़ा है।
इस बीच भारत मौसम विज्ञान केंद्र (आईएमडी) शिमला ने 29 जुलाई तक प्रदेश में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने 27 से 29 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है।
रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार शाम के मुकाबले बंद सड़कों की संख्या में कमी आई है। पहले 188 सड़कें बंद थीं, जो अब घटकर 178 रह गई हैं। हालांकि बिजली व्यवस्था पर बारिश का असर बढ़ा है। प्रभावित डीटीआर की संख्या 35 से बढ़कर 141 हो गई है। वहीं, बाधित पेयजल योजनाओं की संख्या 201 से घटकर 188 हो गई है, लेकिन कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित बनी हुई है।
मंडी में सबसे ज्यादा सड़कें बंद
बारिश से सबसे अधिक प्रभावित मंडी जिला है, जहां 71 सड़कें बंद हैं। इसके बाद कुल्लू में 36, सिरमौर में 29, चंबा में 16, शिमला में 14, कांगड़ा में छह, लाहौल-स्पीति में पांच और ऊना में एक सड़क बंद है।
वहीं बिलासपुर, हमीरपुर और सोलन जिलों में फिलहाल सड़कें सामान्य हैं।
बिजली व्यवस्था की बात करें तो सोलन में सबसे ज्यादा 70 डीटीआर प्रभावित हैं। इसके अलावा कुल्लू में 30, मंडी में 29, शिमला में 10 और चंबा में दो डीटीआर प्रभावित हुए हैं।
पेयजल योजनाओं पर भी बारिश का असर पड़ा है। चंबा में 148, मंडी में 34, शिमला में 27, सिरमौर में तीन और कांगड़ा में दो पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। संबंधित विभाग सड़कों, बिजली और पेयजल सेवाओं को बहाल करने में जुटे हुए हैं।
29 जुलाई तक जारी रहेगा बारिश का दौर
आईएमडी शिमला के मौसम बुलेटिन के अनुसार, 23 से 29 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। वहीं 27, 28 और 29 जुलाई को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा 23 और 24 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी के कुछ क्षेत्रों में भी भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
तेज हवाओं और फ्लैश फ्लड का खतरा
मौसम विभाग ने 23 से 29 जुलाई के बीच किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।
भारी बारिश के कारण भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, नदियों और खड्डों का जलस्तर बढ़ने, निचले क्षेत्रों में जलभराव, सड़क बाधित होने और बागवानी व कृषि को नुकसान की आशंका बनी हुई है।
मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों से दूरी बनाए रखने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
पिछले 24 घंटे में यहां हुई अधिक बारिश
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। नैना देवी में सबसे अधिक 6 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा मलरांव में 5 सेंटीमीटर, नालागढ़ में 4 सेंटीमीटर और मनाली, नाहन, रामपुर बुशहर, सराहन समेत कई क्षेत्रों में 1 से 3 सेंटीमीटर तक बारिश हुई।
लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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