सऊदी के तेल ठिकानों पर हूतियों का हमला, यमन संघर्ष फिर भड़कने की आशंका

HIGHLIGHTS
- ईरान ने कैस्पियन सागर में अपने कमर्शियल जहाज पर यूक्रेन के हमले का आरोप लगाया।
- हूतियों ने सऊदी अरब के दो तेल ठिकानों पर हमला किया, जिसके बाद यमन संघर्ष फिर तेज हुआ।
- अमेरिका की सक्रियता बढ़ी, ऊर्जा आपूर्ति पर संभावित असर को लेकर चिंता।
रियाद। खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम होने के बीच शनिवार को हुई दो बड़ी घटनाओं ने इलाके में संघर्ष बढ़ने की आशंका को और बढ़ा दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन पर कैस्पियन सागर में एक ईरानी कमर्शियल जहाज को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। मंत्रालय के अनुसार, हमले के दौरान हुए विस्फोट में एक नाविक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हुआ है।
ईरान ने इस मामले को लेकर तेहरान में यूक्रेन के राजनयिक को तलब किया और इसे शत्रुतापूर्ण व आपराधिक हमला बताया।
इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कैस्पियन सागर में लंबी दूरी के हमलों की सराहना की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि रूस मध्य पूर्व में सैटेलाइट जानकारी ईरान को उपलब्ध करा रहा है।
सऊदी अरब में हूतियों का हमला, यमन संघर्ष फिर तेज
इसी दिन ईरान समर्थित यमन के हूती संगठन ने सऊदी अरब के दो तेल ठिकानों को निशाना बनाया। हूती प्रवक्ता के मुताबिक, जिजान और यानबू में सऊदी कंपनी अरामको की रिफाइनरी और तेल भंडारण केंद्रों पर हमला किया गया। सामने आए वीडियो में जिजान रिफाइनरी से धुआं उठता हुआ दिखाई दिया।
ग्रीक सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यानबू की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को अमेरिका की पैट्रियट मिसाइल प्रणाली ने रोक दिया। यानबू सऊदी अरब का प्रमुख लाल सागर तेल बंदरगाह है और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की स्थिति में तेल निर्यात के लिए इसका महत्व बढ़ गया है।
जिजान रिफाइनरी में प्रतिदिन करीब 4 लाख बैरल तेल का उत्पादन होता है। हमले के जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के मारिब, अल-जौफ और होदेदाह में हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए। यमन के अधिकारियों ने बताया कि दोनों पक्ष फिर से अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा रहे हैं।
यमन का गृह युद्ध, जो 2022 से रुका हुआ था, इस महीने दोबारा तेज हो गया है। हूतियों ने पिछले सप्ताह सऊदी अरब की नौसैनिक नाकेबंदी का ऐलान किया था। इसके बाद गुरुवार को लाल सागर में दो सऊदी टैंकरों को भी निशाना बनाया गया था।
अमेरिका भी हुआ सक्रिय
अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में एक जहाज को रोका, जो कथित तौर पर नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य के बाद लाल सागर का मार्ग भी प्रभावित होता है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।
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