'24 घंटे में CJP नेताओं की रिहाई नहीं हुई तो करूंगा अनशन', सोनम वांगचुक का अल्टीमेटम

HIGHLIGHTS
- सोनम वांगचुक ने CJP प्रदर्शन से जुड़े नेताओं की गिरफ्तारी पर केंद्र और प्रशासन से सवाल किए।
- उन्होंने भारत की मौजूदा स्थिति को “अघोषित आपातकाल” बताया।
- वांगचुक ने कहा कि उन्होंने पहले ही प्रदर्शन में एकता और शांति बनाए रखने की अपील की थी।
नई दिल्ली। CJP के प्रदर्शन से जुड़े नेताओं की गिरफ्तारी पर लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भारत में मौजूदा स्थिति को “अघोषित आपातकाल” बताते हुए कहा कि यदि हिरासत में लिए गए नेताओं को कल तक रिहा नहीं किया गया, तो उन्हें अनशन या पदयात्रा शुरू करने पर विचार करना पड़ सकता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी पोस्ट में वांगचुक ने बताया कि उन्होंने एक दिन पहले ही प्रदर्शन के दौरान एकता और शांति बनाए रखने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति में पहुंच जाएगा।
वांगचुक ने लिखा कि आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए कई नेताओं की मौजूदगी से उन्हें भरोसा था। हालांकि, अब उन्हें जानकारी मिली है कि उन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हिरासत में लिए गए नेताओं को जल्द रिहा किया जाएगा।
24 घंटे में रिहाई नहीं हुई तो अनशन या पदयात्रा पर विचार
सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि नेताओं को कल तक रिहा नहीं किया गया, तो उन्हें अनशन या पदयात्रा शुरू करने के विकल्प पर विचार करना पड़ेगा। उनकी इस चेतावनी के बाद CJP के प्रदर्शन और उससे जुड़ी गिरफ्तारियों को लेकर आंदोलन आगे बढ़ने के संकेत मिले हैं।
यह घटनाक्रम 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP प्रदर्शन के बीच सामने आया है। प्रदर्शन से जुड़े नेताओं की हिरासत को लेकर संगठन और प्रशासन के बीच विवाद बना हुआ है। वांगचुक ने अपने संदेश में एकता बनाए रखने और शांतिपूर्ण आंदोलन पर जोर दिया है।
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