दिल्ली पहुंचे CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, बोले- गिरफ्तारी से नहीं डरता

HIGHLIGHTS
- अभिजीत दीपके मुंबई से दिल्ली पहुंचे और प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही।
- उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों को रोकने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
- दीपके ने रेल सेवाओं, मेट्रो और इंटरनेट पर कथित पाबंदियों को लेकर सवाल उठाए।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके दिल्ली पहुंच गए हैं। मुंबई से दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि वह गिरफ्तारी या हिरासत में लिए जाने से नहीं डरते और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे। जंतर-मंतर पर पार्टी के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना होने से पहले दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को रोकने के लिए लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने रेल सेवाओं, मेट्रो संचालन और सड़कों पर लगाई गई पाबंदियों पर भी सवाल उठाए।
'सरकार देश के युवाओं से क्यों डर रही है?'
अभिजीत दीपके ने सवाल किया कि देश के प्रधानमंत्री युवाओं और आम लोगों से इतना क्यों डर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि सभी रेल सेवाएं बंद करने, मेट्रो का संचालन रोकने, इंटरनेट बंद करने और सड़कों पर पाबंदियां लगाने की क्या जरूरत थी।
दीपके ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर से सेना बुलाकर दिल्ली में तैनात किया गया है और नक्सल प्रभावित इलाकों से सीआरपीएफ के जवानों को भी राजधानी में लगाया गया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या नरेंद्र मोदी और अमित शाह अपने ही देश के लोगों के खिलाफ युद्ध करना चाहते हैं? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या ज्ञानेश कुमार उनके लिए इतने खास हैं कि उनके लिए अपने ही नागरिकों के खिलाफ पुलिस और सेना का इस्तेमाल किया जा रहा है।
'शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हमारा मौलिक अधिकार'
सीजेपी संस्थापक ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी को डर है कि इस घटनाक्रम के बाद देश के लोग उन्हें वोट नहीं देंगे। उन्होंने दावा किया कि सत्ता में बने रहने के लिए लोगों को ट्रेनों से उतारा जा रहा है। दीपके के मुताबिक, सोसायटियों में घोषणाएं कर लोगों को प्रदर्शन में शामिल न होने की चेतावनी दी जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस लोगों के घरों पर जाकर उन्हें प्रदर्शन से दूर रहने के लिए कह रही है।
दीपके ने सवाल उठाया कि जब शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, तो लोगों को इसमें शामिल होने से क्यों रोका जा रहा है। संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
'UAPA लगाएं या NSA, संघर्ष जारी रहेगा'
दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर गिरफ्तारी की आशंका से जुड़े सवाल पर दीपके ने कहा कि अगर अधिकारी उन्हें हिरासत में लेना या गिरफ्तार करना चाहते हैं, तो वे इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी हो या हिरासत, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। दीपके ने कहा कि सरकार चाहे उन पर यूएपीए लगाए या एनएसए, निष्पक्ष चुनाव कराने और देश के लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
दिल्ली में 25 हजार जवानों की तैनाती का दावा
सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, दिल्ली में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 25 हजार जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास को लेकर पाबंदियां लगाए जाने की बात कही गई है।
दिल्ली की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। वहीं, अभिजीत दीपके ने कहा है कि वह लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
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