दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में ताहिर हुसैन दोषी, बाकी 12 आरोपियों को मिली क्लीन चिट

HIGHLIGHTS
- अदालत ने ताहिर हुसैन को IPC की धारा 147 और 109 के तहत दोषी ठहराया।
- सजा की अवधि पर सुनवाई 16 नवंबर को होगी।
- मामले में कुल 13 लोग आरोपी बनाए गए थे।
वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े दयालपुर थाना क्षेत्र के एक मामले में दिल्ली की अदालत ने शनिवार को आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दंगे के लिए उकसाने का दोषी ठहराया। हालांकि, मामले में शामिल अन्य 12 सह-आरोपियों को अदालत ने सभी आरोपों से बरी कर दिया।
अदालत का फैसला, 16 नवंबर को सजा पर सुनवाई
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने ताहिर हुसैन को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 147 (दंगे के लिए सजा) और धारा 109 (उकसाने) के तहत दोषी करार दिया। वहीं, अन्य आरोपों से उन्हें बरी कर दिया गया।
अदालत ने ताहिर हुसैन की सजा की अवधि पर दलीलें सुनने के लिए 16 नवंबर की तारीख निर्धारित की है। मामले का विस्तृत आदेश अभी आना बाकी है।
12 सह-आरोपियों को सभी आरोपों से राहत
इस मामले में कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें ताहिर हुसैन के अलावा मोहम्मद शादाब, शाह आलम, रियासत अली, गुलफाम, राशिद, मोहम्मद रिहान, मोहम्मद आबिद, अरशद कयूम, इरशाद अहमद, दीपक सिंह सैनी, नवनीत और महक सिंह शामिल थे।
सभी आरोपियों पर दंगा करने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आगजनी और आपराधिक साजिश रचने जैसे आरोप लगाए गए थे। अदालत ने ताहिर हुसैन को दो धाराओं के तहत दोषी ठहराया और अन्य आरोपों से बरी कर दिया। वहीं, बाकी 12 सह-आरोपियों को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया।
पहले भी दोषी ठहराए जा चुके हैं ताहिर हुसैन
गौरतलब है कि इसी साल जुलाई में एक अन्य अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में ताहिर हुसैन और चार अन्य लोगों को दोषी ठहराया था।
यह मामला अंकित शर्मा के पिता रविंद्र कुमार की शिकायत पर दयालपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से संबंधित था। इस मामले में नाम सामने आने के बाद ताहिर हुसैन को आम आदमी पार्टी से निलंबित कर दिया गया था।
बता दें कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी। इस दौरान कई अन्य लोग घायल हुए थे और बड़े पैमाने पर संपत्ति को नुकसान पहुंचा था।
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