अमेरिकी हमलों से भड़का ईरान, बोला- अब जवाब पहले से ज्यादा दर्दनाक होगा

HIGHLIGHTS
- ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने अमेरिका को चेतावनी दी।
- गलीबाफ ने कहा कि ईरान के युद्ध के नियम बदल गए हैं।
- उन्होंने सैन्य कार्रवाई के साथ उत्पादन और लोगों की आजीविका को भी अहम बताया।
तेहरान। ईरान के तेल टैंकरों पर अमेरिका की ओर से किए गए हमले के एक दिन बाद ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने कहा कि ईरान के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ होने वाले किसी भी हमले का जवाब पहले से ज्यादा दर्दनाक होगा।
गलीबाफ ने रविवार को अपने टेलीग्राम चैनल पर जारी भाषण में कहा कि अमेरिका को बहुत देर होने से पहले यह समझना चाहिए कि ईरान के खिलाफ युद्ध के नियम बदल चुके हैं। अब बराबरी का जवाब नहीं दिया जाएगा, बल्कि ईरान के हितों और सुरक्षा पर होने वाले किसी भी हमले का जवाब अधिक तेजी, ज्यादा ताकत और ज्यादा दर्दनाक तरीके से दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सैन्य मोर्चे के अलावा ईरान की मुख्य लड़ाई अब उत्पादन और लोगों की आजीविका को लेकर है।
यूएस सेंट्रल कमांड ने शनिवार को बताया था कि अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों पर ईरान की ओर से बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के बाद अमेरिकी सेना ने शनिवार को तीन ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया। एक टैंकर पर खार्ग द्वीप के पास और दूसरे पर जास्क के नजदीक हमला किया गया। वहीं, एक खाली टैंकर को ओमान की खाड़ी में निशाना बनाया गया। इन हमलों का वीडियो फुटेज भी जारी किया गया।
इसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कार्प्स ने दावा किया कि उसने अमेरिका के एक एयरक्राफ्ट कैरियर और एक डिस्ट्रायर पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरान के अनुसार, दोनों युद्धपोत उसके खिलाफ जारी नौसैनिक घेराबंदी में शामिल थे। ईरान ने कहा कि दोनों युद्धपोतों को संघर्ष वाले क्षेत्र से हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
वहीं, सरकारी मीडिया की रविवार की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के आर्थिक मामलों के मंत्री अली मदनीज़ादेह ने कहा कि तेहरान अमेरिकी आर्थिक दबाव का जवाब सुधारों के जरिए देने की योजना बना रहा है।
तस्नीम समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के आर्थिक मामलों के मंत्रालय ने युद्ध से जुड़ी आर्थिक समस्याओं से निपटने के लिए 'इकोनमिक वार हेडक्वार्टर' बनाया है।
रविवार को सरकारी टीवी पर प्रसारित एक इंटरव्यू में ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने कहा कि पिछले कुछ महीनों के दौरान ईरान के खार्ग द्वीप पर करीब 550 बार हमले हुए हैं।
इस बीच, एपी के अनुसार ईरान ने रविवार को दावा किया कि उसने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे अमेरिका के एक बिना चालक वाले जहाज पर हमला किया। अमेरिकी सेना ने इस दावे को पूरी तरह झूठ बताते हुए खारिज कर दिया।
वहीं, ईरान-अमेरिका संघर्ष बढ़ने और होर्मुज जलडमरूमध्य में अवरोध के कारण तेल की कीमतें बढ़ने की आशंकाओं के बीच रविवार को अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा कि इस होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) से औसतन हर दिन नौ मिलियन बैरल तेल गुजरता है। उन्होंने कहा कि इससे ऊर्जा की कीमतों पर दबाव कम करने में मदद मिलनी चाहिए।
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