जयंत चौधरी का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- जाति की राजनीति से प्रदेश को बांटना चाहते हैं

HIGHLIGHTS
- लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित हुआ समारोह
- जयंत चौधरी ने चौधरी चरण सिंह के विचारों का किया उल्लेख
- रालोद ने जातिविहीन समाज की बात दोहराई
लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष और नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री जयंत चौधरी अब सवर्णों, खासकर ब्राह्मणों को पार्टी से जोड़ने की रणनीति को आगे बढ़ाने जा रहे हैं। रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में रालोद अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने शक्ति प्रदर्शन किया। मंच से कहा गया कि उत्तर प्रदेश में कोई भी सरकार रालोद की मदद के बिना नहीं बन सकेगी।
समारोह में जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा और उन्हें जाति की राजनीति का पोषक बताया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ट्विटर-ट्विटर खेल रहे हैं और हर मामले में जाति तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज लोग चर्चा में आने और व्यूज पाने के लिए कुछ भी कहने को तैयार हैं। बात सही हो या गलत और उससे किसी को नुकसान पहुंचे या नहीं, इसकी कोई चिंता नहीं होती। उन्होंने कहा कि बात अहंकार, भ्रष्टाचार, चोरी और धोखाधड़ी की ABCD की है।
माफ नहीं करेगा चौधरी चरण सिंह का समाज
रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव का नाम लिए बिना कहा कि राजनीति सिखाने का दावा करने वालों को चौधरी चरण सिंह का समाज माफ नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अब बात बर्दाश्त से बाहर चली गई है और यह अहंकार की बात है।
बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि कोई पीडीए नहीं है, यह उनकी पीड़ा और बौखलाहट है, जिसका जवाब जनता चुनाव में देगी। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने समय के साथ चौधरी चरण सिंह को भुला दिया, लेकिन चुनाव आते ही उन्हें फिर याद किया। उन्होंने साफ कहा कि सिर्फ उनकी तस्वीर लगाने से कुछ नहीं होगा, अगर उनके विचारों को नहीं अपनाया जा सका।
जयंत चौधरी ने कहा कि रालोद जातिविहीन समाज की बात करता है। उन्होंने चौधरी चरण सिंह को महान अर्थशास्त्री और चौधरी अजित सिंह को बेहद पढ़ा-लिखा व्यक्तित्व बताया।
झगड़ों को भी राजनीतिक चश्मे से देखते
जयंत चौधरी ने कहा कि कुछ लोग झगड़ों को भी राजनीतिक चश्मे से देखते हैं और राजनीतिक रोटियां सेंकने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने सभी का सम्मान करना सिखाया था। वह जातिवाद की राजनीति नहीं करते थे और समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाना चाहते थे।
उन्होंने कहा कि बात अहंकार, भ्रष्टाचार, चोरी और धोखाधड़ी की है और यही ABCD है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सम्मान करना सीखा है और चौधरी साहब ने उन्हें अलग तरह की ABCD सिखाई। वह जातिवाद के धुर विरोधी थे और कमजोर तबके को आगे लाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि न जाने कितने हीरो को उन्होंने तराशा। किसी में अच्छाई भी होती है और बुराई भी।
चौधरी साहब (अजित सिंह) जाति के धुर विरोधी
उन्होंने कहा कि चौधरी साहब यानी अजित सिंह जाति के धुर विरोधी थे। उन्होंने कहा कि वे लोग चौधरी साहब के ही रास्ते पर हैं और आगे ऐसी ताकतों का मुकाबला करना है।
जयंत चौधरी ने कहा कि लखनऊ तहजीब का शहर है और हम तहजीब वाले लोग हैं। उन्होंने कहा कि चौधरी साहब से आदर देना, भावनाओं की कद्र करना, चरित्र की वैल्यू समझना और धैर्यवान व्यक्तित्व को पहचानना सीखा है। चौधरी साहब जो ABCD सिखा गए, वह कुछ और है।
आज यूपी में भी तहजीब की चाल
जयंत चौधरी ने कहा कि लखनऊ तहजीब का शहर है और आज उत्तर प्रदेश में भी तहजीब की चाल है। उन्होंने कहा कि पहले जो लोग यूपी को उल्टा-पुल्टा प्रदेश कहते थे, वे दोबारा प्रदेश को उसी व्यवस्था में झोंकने के लिए लखनऊ में बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग हर वारदात में तुरंत जाति का चश्मा लगाकर देखते हैं कि कहां जाति में विभाजन किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि लोकदल पार्टी के कार्यकर्ताओं की पहचान अलग है। जब गांवों में झगड़ा होता है तो लोग उनके पास यह कहकर नहीं आते कि झगड़ा हो गया और यह पार्टी हमारी है, बल्कि वे समाधान पूछते हैं और कहते हैं कि दोनों पक्षों को कैसे साथ बैठाया जाए।
जयंत चौधरी ने कहा कि दूसरे लोग चाहते हैं कि झगड़ा और तनाव बढ़े तथा जातीय विभाजन फैले और फिर कहा जाए कि देखो कैसा राज है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपनी रोटी सेंकने के लिए पूरे प्रदेश को आग में झोंकने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी ताकतों का मुकाबला करना है, भाईचारा बुलंद करना है और किसानों की कमाई बुलंद करनी है।
उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार लगातार तेज
जयंत चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। अब जरूरत है कि इस विकास का लाभ युवाओं को भी मिले और उनके लिए ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर तैयार हों। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगार बढ़ाने पर भी खास ध्यान देने की जरूरत है।
जयंत चौधरी ने लखनऊ में अखिलेश यादव का नाम लिए बिना तेज राजनीतिक हमला किया। उन्होंने कहा कि उनके जमाने में यूपी का मतलब उल्टा-पुल्टा प्रदेश था। उन्होंने आरोप लगाया कि वे प्रदेश को आग में झोंक देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी ताकतों का मुकाबला करना है और पार्टी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी।
इससे पहले जयंत चौधरी ने संगठन की बैठक में विधानसभा चुनाव की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और प्रदेश के सभी क्षेत्रों में पार्टी की सक्रियता बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष ऐश्वर्य राज सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष अनुपम मिश्रा, बिजनौर के सांसद चंदन चौहान, मंत्री अनिल कुमार और संगठन महामंत्री त्रिलोक त्यागी के साथ व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रोहित अग्रवाल और पूर्व एमएलसी प्रत्याशी बीके शुक्ला भी मौजूद थे।
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