‘विकसित भारत’ के संकल्प में नशामुक्ति जरूरी, ‘मन की बात’ में PM मोदी ने कंटेंट क्रिएटर्स से की ये अपील

HIGHLIGHTS
- पीएम मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान की सराहना की
- कंटेंट क्रिएटर्स से अलग-अलग भाषाओं में जागरूकता संदेश फैलाने की अपील
- नशे की लत से परिवार और समाज पर पड़ने वाले असर का किया जिक्र
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक बार फिर कहा कि भारत को ‘विकसित’ बनाने के लिए देश का ‘नशा मुक्त’ होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश के भविष्य को सुरक्षित रखना सरकार का संकल्प है। प्रधानमंत्री ने सरकार के ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोग, खासकर युवा, इसमें सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं।
अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है- नशामुक्त युवा और नशामुक्त भारत। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से अलग-अलग भाषाओं में नशे के खिलाफ संदेश प्रसारित करने और युवाओं को मादक पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का भी आह्वान किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नशे की लत पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है। उन्होंने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और लत से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए आगे आने वालों की सराहना की। उन्होंने लोगों से ऐसे प्रभावशाली नारे, गीत और लघु नाटक तैयार करने का आग्रह किया, जो नशे के खतरों को उजागर करने के साथ इससे बाहर निकलने का रास्ता भी दिखाएं।
प्रधानमंत्री ने अगस्त महीने का भी जिक्र किया और कहा कि इस दौरान भारतीयों में देशभक्ति की भावना और मजबूत होती है। उन्होंने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस, स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के साथ भारत छोड़ो आंदोलन तथा विभाजन की भयावहता से जुड़े स्मृति दिवसों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अगस्त में राष्ट्र प्रेम की भावना हर भारतीय के मन में और प्रबल हो जाती है।
पीएम मोदी ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान ने भी इस भावना को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष इसलिए भी खास है क्योंकि ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ है। तिरंगे के इस उत्सव को केवल भारत तक सीमित न बताते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष ‘सूर्यपथ तिरंगा’ पहल के जरिए भारतीय ध्वज ने दुनिया भर में एक अनूठी यात्रा की।
प्रधानमंत्री ने ‘पीएम स्वनिधि योजना’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के जरिए देशभर में 35 लाख महिलाओं को अपना कारोबार बढ़ाने में मदद मिली है। उनके मुताबिक, जब किसी महिला का व्यवसाय आगे बढ़ता है तो उसके पूरे परिवार का भविष्य भी उसके साथ आगे बढ़ता है।
स्वच्छता के महत्व पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी को अपने आसपास के क्षेत्र को साफ रखने के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के ‘क्लीन-अप पटवाई’ अभियान से जुड़े युवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कई तालाबों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई की।
पीएम मोदी ने इस वर्ष की श्री अमरनाथ जी तीर्थयात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हजारों सफाईकर्मियों ने कठिन रास्तों पर तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए दिन-रात मेहनत की। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान इस्तेमाल किए गए घोड़ों और खच्चरों के गोबर को बायोगैस में बदला गया और इस स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल ‘स्वच्छ ज्योति’ को रोशन करने के लिए किया गया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘लोकल वोकल’ अभियान पर भी जोर दिया। उन्होंने लोगों से आने वाले त्योहारी सीजन में भारत में बने उत्पाद खरीदने और देश को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के प्रति प्रतिबद्ध रहने की अपील की।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने दिवंगत अभिनेता उत्तम कुमार को श्रद्धांजलि दी, जिनकी जन्म शताब्दी 3 सितंबर को मनाई जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि त्योहार और उत्सव केवल हमारी परंपराओं को बनाए रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर भी देते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में देश में कई महत्वपूर्ण त्योहार मनाए जाएंगे।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.