झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने छोड़ी सरकारी गाड़ी, नाराजगी की चर्चाएं तेज

HIGHLIGHTS
- झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सरकारी वाहन छोड़कर निजी गाड़ी से चलना शुरू किया, जिससे राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
- पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने केवल इतना कहा कि काफिले में सभी सरकारी गाड़ियां हैं, लेकिन वाहन बदलने की वजह स्पष्ट नहीं की।
- इससे पहले भी सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय अधिकारियों के कामकाज को लेकर मंत्री अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।
रांची। झारखंड सरकार के वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राधाकृष्ण किशोर एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल के दिनों में उनके कुछ फैसलों और बयानों ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दिया है। इसी कड़ी में अब उन्होंने सरकारी वाहन की बजाय अपने निजी वाहन से आना-जाना शुरू कर दिया है।
शुक्रवार को जब पत्रकारों ने उनसे सरकारी गाड़ी का उपयोग नहीं करने के बारे में सवाल किया तो उन्होंने सीधे जवाब देने के बजाय अपने काफिले की ओर इशारा करते हुए कहा कि पीछे चल रही सभी गाड़ियां सरकारी हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि निजी वाहन का इस्तेमाल करने का फैसला क्यों लिया गया है।
उनके इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि यह फैसला सरकार या प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर उनकी किसी नाराजगी का संकेत हो सकता है, हालांकि मंत्री की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
बीते कुछ समय से भी वित्त मंत्री के रुख को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। इससे पहले उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए अपने काफिले में अतिरिक्त वाहनों की मांग की थी, जिसे स्वीकृति नहीं मिली थी।
इसके अलावा वित्त विभाग से जुड़े कुछ प्रशासनिक मामलों पर भी उन्होंने असंतोष जाहिर किया था। विभाग के एक संयुक्त सचिव की कार्यशैली को लेकर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई थी और इस संबंध में वित्त सचिव को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भी भेजा था।
वित्त मंत्री के हालिया कदमों को लेकर राजनीतिक विश्लेषक अलग-अलग अर्थ निकाल रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से इस विषय पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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