झारखंड: जगन्नाथपुर में जंगली हाथियों का कहर, हमले में व्यक्ति की मौत; तीन घर क्षतिग्रस्त

HIGHLIGHTS
- पश्चिमी सिंहभूम के जगन्नाथपुर में जंगली हाथियों के झुंड ने कई गांवों में मचाया उत्पात।
- हाथी के हमले में चार बच्चों के पिता चंद्रमोहन सिंकू की मौत, तीन घर भी क्षतिग्रस्त हुए।
- वन विभाग ने मृतक के परिवार को 1 लाख रुपये की अग्रिम मुआवजा राशि दी।
झारखंड: पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार देर रात हाथियों के झुंड ने बुढ़ाकमान, मुगादिघिया, तेंतोड़ीपोसी और लुतुसाई गांव में जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन घरों को नुकसान पहुंचा है।
हाथियों ने बागवानी और खेतों में लगी फसलों को भी बर्बाद कर दिया। इसके अलावा एक किसान के घर में रखा करीब तीन क्विंटल धान खा गए और घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचाया।
चार बच्चों के पिता पर हाथी ने किया हमला
सबसे दर्दनाक घटना जिला परिषद भाग-एक के सदस्य मानसिंह तिरिया के गांव बुढ़ाकमान में हुई। बताया गया कि रात करीब एक बजे गांव निवासी चंद्रमोहन सिंकू (35) पर जंगली हाथी ने हमला कर दिया।
चार बच्चों के पिता चंद्रमोहन को हाथी ने अपनी सूंड में लपेट लिया और कई बार जमीन पर पटक दिया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से घायल चंद्रमोहन सिंकू को तुरंत जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।
हाथियों ने घरों और फसलों को पहुंचाया नुकसान
बुढ़ाकमान से निकलने के बाद हाथियों का झुंड मुगादिघिया, तेंतोड़ीपोसी और लुतुसाई गांव पहुंचा। यहां हाथियों ने तीन ग्रामीणों के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके साथ ही बागवानी और खेतों में लगी फसलों को भी रौंद डाला।
हाथियों ने एक किसान के घर में रखा करीब तीन क्विंटल धान खा लिया और घर के सामान को भी नुकसान पहुंचाया।
ग्रामीण पूरी रात मशाल, टॉर्च और पटाखों की मदद से हाथियों को गांव से बाहर भगाने का प्रयास करते रहे, लेकिन हाथियों के लगातार उत्पात के कारण लोगों में डर का माहौल बना रहा। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में लगातार हाथियों के हमले हो रहे हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है।
वन विभाग ने दिया मुआवजा
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन शुरू किया। ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को जल्द मुआवजा देने, क्षतिग्रस्त मकानों और फसलों के नुकसान की भरपाई करने तथा हाथियों के आतंक से स्थायी राहत दिलाने की मांग की।
वन विभाग की टीम ने तत्काल अग्रिम राशि के रूप में 1 लाख रुपये जगन्नाथपुर स्वास्थ्य केंद्र परिसर में मृतक की पत्नी जेमा सिंकू को सौंपे। इस दौरान जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया सहित अन्य ग्रामीण भी मौजूद रहे।
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