जेएनयू मामला: राष्ट्रपति से मिलीं भाजपा की महिला सांसद, अकोइजम के खिलाफ कार्रवाई की मांग

HIGHLIGHTS
- भाजपा की महिला सांसदों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।
- प्रतिनिधिमंडल ने अकोइजम को पद से हटाने की मांग की।
- रेखा शर्मा ने जेएनयू की 11 छात्राओं के यौन उत्पीड़न का दावा किया।
नई दिल्ली। भाजपा की महिला सांसदों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस सांसद और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
महिला सांसदों ने राष्ट्रपति को सौंपे ज्ञापन में संबंधित सांसद को पद से हटाने और उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल था?
राष्ट्रपति से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा सांसद कमलजीत सहरावत, बांसुरी स्वराज और मालविका देवी शामिल थीं। इनके अलावा राज्यसभा सांसद एस. फांगनोन कोन्याक, गीता शाक्य और भाजपा की वरिष्ठ नेता व राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेखा शर्मा भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थीं।
महिला सांसदों ने क्या आरोप लगाए?
बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वह अपने सांसद के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रही भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी पदाधिकारी संजीव सिंह पर मारपीट करने, अभद्र व्यवहार करने और अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया।
वहीं, रेखा शर्मा ने दावा किया कि जेएनयू की 11 छात्राओं का यौन उत्पीड़न किया गया। उनके अनुसार, छात्राओं को अलग-अलग फिल्मों के दृश्य दिखाए गए और उनसे निजी संबंधों को लेकर सवाल पूछे गए।
रेखा शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सवाल किया कि उनकी पार्टी इस मामले पर चुप क्यों है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से अकोइजम को सांसद पद से हटाने का अनुरोध करेगा, क्योंकि उन्हें कांग्रेस की ओर से कार्रवाई किए जाने की उम्मीद नहीं है।
जेएनयू ने अब तक क्या कार्रवाई की?
जेएनयू ने 9 अक्टूबर को अंगोमचा बिमोल अकोइजम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया था। विश्वविद्यालय के आदेश के मुताबिक, आंतरिक समिति ने जांच के निष्कर्षों के आधार पर उनके खिलाफ कड़ी सजा की सिफारिश की थी।
अकोइजम जेएनयू के सामाजिक विज्ञान स्कूल के सामाजिक व्यवस्था अध्ययन केंद्र से जुड़े थे। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।
दिल्ली पुलिस की जांच में क्या निकला?
दिल्ली पुलिस ने जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर 11 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की थी। यह मामला वसंत कुंज नॉर्थ थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 75, 75(1)(i), 75(1)(iv) और 79 के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, मामले की आगे जांच की जा रही है।
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