कैंची धाम जाने वालों के लिए बड़ा अपडेट, जल्द शुरू हो सकती है प्री-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था

HIGHLIGHTS
- कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों के साथ बैठक की।
- डीएम और एसएसपी को शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।
- प्री-रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जाएगा।
नैनीताल। कैंची धाम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ रही संख्या और जाम की गंभीर समस्या को देखते हुए प्रशासन ने समाधान की दिशा में पहल शुरू कर दी है।
कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों और पर्यटन कारोबारियों के साथ बैठक में कैंची धाम के लिए प्री-रजिस्ट्रेशन (पूर्व पंजीकरण) व्यवस्था लागू करने को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने डीएम और एसएसपी को इस संबंध में तत्काल शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने क्षेत्र में संचालित होटल और होमस्टे के नियमित निरीक्षण के साथ रेस्टोरेंट में रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने और वीकेंड पर प्रशासन व पुलिस की संयुक्त टीमों से निगरानी कराने के निर्देश भी दिए।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या बनी बड़ी चुनौती
कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है। पिछले तीन दिवसीय वीकेंड में हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। 'दैनिक जागरण' ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए दो वर्ष पहले सरकार के निर्देशों के बावजूद पंजीकरण व्यवस्था शुरू नहीं होने की खबर प्रकाशित की थी।
मंगलवार को कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने जिला विकास प्राधिकरण सभागार में प्रशासन, पुलिस, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और पर्यटन कारोबारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने प्री-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शुरू करने को लेकर सभी से सुझाव मांगे। बैठक में इस व्यवस्था पर सभी ने सहमति जताई।
बैठक में यह तय किया गया कि मंदिर में प्रतिदिन 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं के प्रवेश की सीमा निर्धारित की जा सकती है। साथ ही मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार बनाने के निर्देश दिए गए।
इस तरह लागू होगी प्री-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था
चारधाम यात्रा की तर्ज पर ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जाएगा।
पोर्टल तैयार होने के शुरुआती चरण में इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
श्रद्धालु पोर्टल और संबंधित मोबाइल एप के जरिए ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे।
व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन श्रद्धालुओं की अधिकतम क्षमता निर्धारित की जाएगी।
तय क्षमता पूरी होने के बाद उस दिन के लिए पंजीकरण अपने आप बंद हो जाएगा।
मुख्य एंट्री पॉइंट पर वैध बुकिंग दिखाने के बाद ही श्रद्धालुओं को कैंची धाम की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी।
श्रद्धालुओं से मनमानी वसूली का मुद्दा भी उठा
बैठक में होटल और होमस्टे संचालकों की ओर से मनमाना किराया वसूलने, दुकानों और रेस्टोरेंट में प्रसाद व अन्य सामान महंगे दामों पर बेचने, टैक्सी और दोपहिया वाहनों के कारण जाम लगने तथा मंदिर के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी करने जैसे मुद्दे उठाए गए।
आयुक्त ने इस पर पर्यटन विभाग को रेस्टोरेंट में रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही होटल और होमस्टे का औचक निरीक्षण करने को कहा गया।
उन्होंने अवैध रूप से किराये पर संचालित दोपहिया और टैक्सी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए। इन्हें जाम का मुख्य कारण बताया गया है।
बैठक में आईजी निवेदिता कुकरेती, डीएम ललित मोहन रयाल, एसएसपी मंजूनाथ टीसी और एडीएम विवेक राय समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.