आर. श्रीलेखा के इस्तीफे पर मेयर का बड़ा बयान, बोले- वह पद पर बनी रहेंगी

HIGHLIGHTS
- मेयर ने पहले 30 सितंबर को इस्तीफा पत्र मिलने की बात कही थी।
- रविवार को उन्होंने किसी भी इस्तीफा पत्र के मौजूद होने से इनकार किया।
- मेयर ने नगर निगम में किसी भी राजनीतिक संकट की बात से इनकार किया।
तिरुवनंतपुरम। तिरुवनंतपुरम के मेयर वी. वी. राजेश ने रविवार को कहा कि पूर्व डीजीपी और भाजपा पार्षद आर. श्रीलेखा ने इस्तीफा नहीं दिया है और वह अपने पद पर बनी रहेंगी।
यह मामला उस समय सामने आया, जब श्रीलेखा की ओर से अपने वार्ड के निवासियों के एक व्हाट्सएप ग्रुप में कथित तौर पर एक संदेश भेजा गया। इसमें कहा गया था कि उन्होंने मेयर को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और 5 अक्टूबर को इसकी एक प्रति जिला कलेक्टर को भी देंगी।
इस्तीफे के पत्र को लेकर मेयर का बदला रुख
इससे पहले मेयर राजेश ने पत्रकारों को बताया था कि उन्हें 30 सितंबर को इस्तीफे का एक पत्र मिला था। इसमें निजी असुविधाओं का हवाला दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा था कि इस्तीफे का पत्र नगर निगम सचिव को नहीं भेजा गया, क्योंकि वही इसे स्वीकार करने के लिए सक्षम अधिकारी हैं।
हालांकि, रविवार को मेयर अपने पहले के बयान से अलग नजर आए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का इस्तीफा पत्र मौजूद नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि किसने कहा कि श्रीलेखा ने इस्तीफा दिया है। मेयर ने स्पष्ट किया कि वह अपने पद पर बनी रहेंगी और अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगी।
निगम में राजनीतिक संकट से मेयर ने किया इनकार
व्हाट्सएप संदेश के बारे में सवाल पूछे जाने पर मेयर ने सीधे तौर पर जवाब नहीं दिया। उन्होंने नगर निगम में किसी भी तरह के राजनीतिक संकट से इनकार किया।
मेयर ने कहा कि पार्षद अक्सर अपने वार्डों से जुड़े फंड और प्रशासनिक कार्यों को लेकर पत्र देते रहते हैं। उनके मुताबिक, श्रीलेखा ने भी वार्ड के सुचारू संचालन से संबंधित एक पत्र दिया था। इसमें कुछ मुद्दों पर पार्टी के हस्तक्षेप की जरूरत है, जबकि कुछ मामलों में मेयर स्तर पर कार्रवाई की जानी है।
माकपा नेता वी. शिवनकुट्टी ने साधा निशाना
इस पूरे घटनाक्रम पर सीपीआई-एम नेता और पूर्व मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने श्रीलेखा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
शिवनकुट्टी ने आरोप लगाया कि पद और सत्ता हासिल करने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकती हैं। उन्होंने इसे भाजपा पर दबाव बनाकर नया पद हासिल करने की धमकी मात्र बताया।
श्रीलेखा के कांग्रेस में जाने की अटकलों पर शिवनकुट्टी ने कहा कि कुछ नेता स्वाभाविक रूप से उसी जगह जाते हैं, जहां उन्हें सबसे ज्यादा फायदा नजर आता है। हालांकि, श्रीलेखा ने अभी तक इस विवाद या विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
तिरुवनंतपुरम निगम में भाजपा का समीकरण
तिरुवनंतपुरम नगर निगम में कुल 101 सीटें हैं। पिछले साल भाजपा ने पहली बार एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन से 51 सदस्यों का समर्थन जुटाकर मामूली बहुमत के साथ सत्ता हासिल की थी।
भाजपा की राज्य उपाध्यक्ष श्रीलेखा पिछले निकाय चुनाव में सास्तमंगलम वार्ड से चुनाव जीतकर पार्षद बनी थीं। बहुमत का आंकड़ा बेहद नाजुक होने के कारण श्रीलेखा का पार्षद बने रहना भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है।
इससे पहले अप्रैल में उन्होंने वत्तियूरकावु सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। हालांकि, उन्हें कांग्रेस नेता के. मुरलीधरन के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
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