कांग्रेस को 150 सीटों के दावे पर सपा सांसद का जवाब, बोले- 50 सीट मिलना भी बड़ी बात

HIGHLIGHTS
- एसपी सिंह पटेल ने कांग्रेस के 150 सीटों के दावे पर प्रतिक्रिया दी।
- उन्होंने कहा कि कांग्रेस को 50 सीट मिलना भी बड़ी बात होगी।
- पटेल ने कांग्रेस को 10 से 20 सीटों तक सीमित करने की बात कही।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान के संकेत मिलने लगे हैं। प्रतापगढ़ से सपा सांसद एसपी सिंह पटेल ने कांग्रेस के 150 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के दावे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक ताकत और संगठन की स्थिति को देखते हुए कांग्रेस को 50 सीट मिलना भी बड़ी बात होगी।
एसपी सिंह पटेल ने कहा कि गठबंधन में सीटों का बंटवारा राजनीतिक दलों की जमीनी पकड़ और संगठन की स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस को 10 से 20 सीटों तक सीमित करने की बात भी कही। उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर मतभेद की चर्चा तेज हो गई है।
पटेल के बयान के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में दोनों दल सीटों के मुद्दे पर कितनी आसानी से सहमति बना पाएंगे। कांग्रेस की ओर से ज्यादा सीटों पर दावेदारी और सपा की ओर से इस दावे को खारिज किए जाने के बीच गठबंधन की चुनावी रणनीति को लेकर तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है।
केशव मौर्य के बयान पर भी साधा निशाना
सपा सांसद ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने सपा को ‘सांपनाथ’, बसपा को ‘नागनाथ’ और कांग्रेस को ‘कालिया नाग’ कहा था। पटेल ने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य अक्सर अनाप-शनाप बयान देते हैं और उन्हें इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
उन्होंने भाजपा पर पिछड़े समाज के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। पटेल ने कहा कि भाजपा पिछड़े वर्ग के नेता के तौर पर केशव मौर्य का राजनीतिक इस्तेमाल करती है, लेकिन पिछड़ा समाज अब भाजपा की नीतियों को समझ चुका है।
गठबंधन में सम्मान और बराबरी का मुद्दा
सपा सांसद के बयान में कांग्रेस के साथ गठबंधन के पुराने अनुभवों का भी जिक्र किया गया। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस ने सपा और क्षेत्रीय दलों का समर्थन लिया, लेकिन सीटों के बंटवारे के समय सहयोगी दलों की अपेक्षाओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया।
सपा की ओर से मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव का उदाहरण भी दिया गया। पार्टी के मुताबिक, टिकट बंटवारे के दौरान उसके प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस नेतृत्व से सीटों को लेकर बातचीत की थी, लेकिन सपा को कोई सीट नहीं मिली।
सपा सांसद के बयान के बाद उत्तर प्रदेश में आगामी गठबंधन को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। फिलहाल दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे का कोई औपचारिक फॉर्मूला सामने नहीं आया है। हालांकि, चुनाव से पहले ही सहयोगी दलों के बीच सीटों की दावेदारी और राजनीतिक दबाव का दौर शुरू होता दिखाई दे रहा है।
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