मेरठ छात्रा हत्याकांड: SSP से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने रोका

HIGHLIGHTS
- मेरठ छात्रा हत्याकांड मामले में पीड़ित परिवार की शिकायत लेकर जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने काशी टोल प्लाजा पर रोक दिया।
- पुलिस की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
- कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन और प्रदेश सरकार पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।
मेरठ में छात्रा हत्याकांड को लेकर सोमवार को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई। पीड़ित परिवार की शिकायत लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय जा रहे कांग्रेस नेताओं को मेरठ-दिल्ली हाईवे स्थित काशी टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौके पर विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
काशी टोल प्लाजा पर रोका गया काफिला
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल छात्रा हत्याकांड से जुड़े मामले में पीड़ित परिवार की बात पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए मेरठ पहुंच रहा था। इसी दौरान काशी टोल प्लाजा पर पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया।
पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और उन्होंने जमकर विरोध जताया। मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर लगाए आरोप
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि वे पीड़ित परिवार की शिकायत लेकर शांतिपूर्ण तरीके से SSP से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने से रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है।
नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन को सहयोग करना चाहिए।
प्रदेश सरकार पर भी साधा निशाना
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार को भी घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा, उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र गौतम, सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और बाराबंकी से सांसद तनुज पूनिया समेत कई नेता शामिल रहे।
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