मेरठ: SSP समेत 50 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट पहुंचे अधिवक्ता, लाठीचार्ज मामले में याचिका दाखिल

HIGHLIGHTS
- मेरठ में एसएसपी समेत 50 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एससी-एसटी कोर्ट में याचिका दाखिल।
- कलक्ट्रेट प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और अधिवक्ता से मारपीट का लगाया गया आरोप।
- मामले में कोर्ट की सुनवाई 3 अगस्त को होगी, अधिवक्ता ने न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही।
मेरठ। अधिवक्ता अनिल कुमार प्रधान ने एससी-एसटी कोर्ट मेरठ में एसएसपी अविनाश पांडे, एसपी देहात अभिजीत कुमार समेत 50 पुलिसकर्मियों के खिलाफ याचिका दाखिल की है। इस मामले में कोर्ट ने सुनवाई के लिए तीन अगस्त की तारीख तय की है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि बीए छात्रा हत्याकांड मामले में 8 जुलाई को कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। आरोप है कि इस दौरान एसएसपी अविनाश पांडे ने प्रदर्शनकारियों और बंदी वाहन में मौजूद अधिवक्ता रवि गौतम को थप्पड़ मारे थे।
अधिवक्ता अनिल कुमार प्रधान ने बताया कि बीए छात्रा की हत्या के मामले में कलक्ट्रेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा रहा था। उनका आरोप है कि मेरठ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की और दलित समाज के लोगों के साथ उत्पीड़न व गाली-गलौज की गई।
उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर डीआईजी, गृह सचिव सहित अन्य अधिकारियों को शिकायत दी गई थी। शिकायत में दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने और गलत धाराओं में जेल भेजे गए निर्दोष लोगों की रिहाई की मांग की गई थी।
अनिल प्रधान ने कहा कि अब एसएसपी मेरठ अविनाश पांडे, एसपी देहात अभिजीत कुमार समेत 50 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। तीन अगस्त को इस मामले में बहस होगी। उन्होंने कहा कि न्याय के लिए जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे।
यह है पूरा मामला
रोहटा क्षेत्र में दलित छात्रा ललिता गौतम का शव मिला था। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को जेल भेज दिया था, लेकिन परिजनों का कहना था कि घटना में अन्य लोग भी आरोपी हैं, जिन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दलित समाज के लोगों ने 8 जुलाई को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया था। करीब तीन घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचे एसएसपी अविनाश पांडे ने प्रदर्शन खत्म कराने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
इसके बाद पुलिस ने लाठियां फटकारकर जाम खुलवाया। आरोप है कि एसएसपी ने बंदी वाहन के अंदर प्रदर्शन में शामिल रहे रवि गौतम को कई थप्पड़ मारे थे। इस पूरी कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
वहीं, सिविल लाइन पुलिस ने आठ लोगों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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