‘मेरे कपड़ों से परिवार को दिक्कत नहीं तो किसी और को क्यों?’ निलंबित दरोगा अनु ने वीडियो जारी कर दी सफाई

HIGHLIGHTS
- अनु ने आगरा से खरीदी फ्रॉक पहनने की बात कही
- वायरल वीडियो में दिखे QR कोड को लेकर दी सफाई
- पांच दिन से कमरे में बंद होने का किया दावा
मेरठ में सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन के आरोप में निलंबित दरोगा अनु ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि वीडियो में उन्होंने जो फ्रॉक पहनी थी, उसे उन्होंने अपनी मां के साथ आगरा से खरीदा था। उनके परिवार को उनके कपड़ों से कोई आपत्ति नहीं है तो फिर किसी और को इससे क्या परेशानी है।
अनु का आरोप है कि सोशल मीडिया पर व्यूज बढ़ाने के लिए उनकी बिना अनुमति के उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर वीडियो बनाया गया। उनका कहना है कि यह अपराध है और इसकी वजह से उनका भविष्य बर्बाद हो गया। अब वीडियो बनाने वाला उनके भाई से माफी मांग रहा है।
वर्ष 2023 बैच की दरोगा अनु कॉलिस प्रयागराज की रहने वाली हैं। वह सोशल मीडिया पर जिम में वर्कआउट करते हुए वीडियो बनाती रही हैं। एक वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। एक सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर ने पुलिस की गरिमा का हवाला देते हुए यह वीडियो शेयर किया था।
वीडियो में वह फ्रॉक पहनकर लेटी हुई थीं और उसमें एक क्यूआर कोड दिखाई दे रहा था। आरोप लगाया गया था कि क्यूआर कोड आर्थिक मदद लेने के लिए शेयर किया गया है। हालांकि, अब अनु का कहना है कि यह क्यूआर कोड उनके इंस्टाग्राम हैंडल के अकाउंट का था।
भोजन और स्वास्थ्य चैनल के लिए करती थीं इस्तेमाल
अनु ने बताया कि वह इसका इस्तेमाल अपने भोजन और स्वास्थ्य चैनल के लिए करती थीं। हालांकि, अनु के वीडियो जारी करने के बाद भी सोशल मीडिया पर क्यूआर कोड शेयर किया जा रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि यह क्यूआर कोड उनके बैंक अकाउंट का ही है।
पांच दिन से कमरे में बंद हैं
अनु ने उसी फ्रॉक में दोबारा वीडियो बनाया है। उनका कहना है कि उनका निक नेम सेलिना है। वह एंग्लो-इंडियन लड़की हैं और रोमन कैथोलिक हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी को उनके कपड़ों से आपत्ति थी तो विभाग में शिकायत क्यों नहीं की गई। उनके परिवार में इस तरह के कपड़े पहनना सामान्य बात है।
उन्होंने कहा कि वह पांच दिन से कमरे में बंद हैं और उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। वह स्कूल और कॉलेज में अव्वल रही हैं और सरकारी नौकरी करती हैं। उनका कहना है कि उन्होंने विभाग की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए वर्दी में ऐसा कोई वीडियो नहीं बनाया।
अनु ने खुद को सही बताते हुए किसी भी जांच के लिए तैयार होने की बात कही। उन्होंने अमित किल्होर को चुनौती दी कि यदि उन्हें आर्थिक सहायता मिली है तो उनके और उनके परिवार के बैंक खातों की जांच करा ली जाए।
इंस्पेक्टर ने कहा- तुमने विभाग को बदनाम कर दिया
अनु पुलिस ऑफिस में तैनात थीं। उनका कहना है कि आज वह अपने ऑफिस गई थीं, जहां उनकी मुलाकात एक वरिष्ठ इंस्पेक्टर से हुई। वह कहती हैं कि वह इंस्पेक्टर की बहुत इज्जत करती हैं।
अनु के मुताबिक, इंस्पेक्टर ने उनसे कहा कि तुमने विभाग को बदनाम कर दिया है। उनका कहना है कि उसी इंस्पेक्टर की खुद एक वीडियो किसी ने एआई से बनाकर वायरल की थी।
अनु ने कहा कि वह कितने लोगों को समझाएंगी कि वह सही हैं और उनके साथ गलत हुआ है। उनका कहना है कि वह चुप हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि वह गलत हैं।
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