प्रयागराज में माता-पिता से बिछड़ी 3 बच्चियां ट्रेन में मिलीं, नॉन-स्टॉप एक्सप्रेस को रुकवाकर मां से मिलाया

HIGHLIGHTS
- तीनों बच्चियों की उम्र 9, 12 और 14 वर्ष बताई गई है।
- मुख्य टिकट निरीक्षक देव प्रकाश वर्मा ने बच्चियों से जानकारी लेकर कंट्रोल को सूचना दी।
- कमर्शियल कंट्रोलर मिथिलेश कुमार के समन्वय से ट्रेन को प्रयागराज छिवकी में विशेष रूप से रुकवाया गया।
प्रयागराज। काशी दर्शन के बाद आंध्र प्रदेश के एक परिवार का सफर उस समय चिंता और परेशानी में बदल गया, जब भीड़ के बीच तीन बच्चियां अपने माता-पिता से बिछड़कर गलती से नॉन-स्टॉप भुवनेश्वर-आनंद विहार सुपरफास्ट एक्सप्रेस में सवार हो गईं। ट्रेन के एस-6 कोच में रोती हुई बच्चियों पर मुख्य टिकट निरीक्षक देव प्रकाश वर्मा की नजर पड़ी। इसके बाद रेलवे कर्मियों की तत्परता से बिना ठहराव वाली ट्रेन को प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर विशेष रूप से रुकवाया गया और बच्चियों को सुरक्षित उनकी मां तक पहुंचाया गया।
दरअसल, आंध्र प्रदेश के रहने वाले लक्ष्मी राज का परिवार काशी दर्शन के बाद पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) पहुंचा था। परिवार को गाड़ी संख्या 12321 मुंबई मेल से मुंबई जाना था और इसी के लिए वह स्टेशन पहुंचा था।
भीड़ में माता-पिता से बिछड़ीं तीनों बच्चियां
इसी दौरान स्टेशन पर भीड़भाड़ के कारण 09, 12 और 14 वर्ष की तीनों बच्चियां अपने माता-पिता से अलग हो गईं। इसी बीच वे गलती से गाड़ी संख्या 22805 भुवनेश्वर-आनंद विहार सुपरफास्ट एक्सप्रेस में सवार हो गईं।
ट्रेन के आगे बढ़ने के बाद एस-6 कोच में ड्यूटी पर तैनात मुख्य टिकट निरीक्षक देव प्रकाश वर्मा की नजर बच्चियों पर पड़ी। तीनों बच्चियां रो रही थीं और अपनी मां को याद कर रही थीं। टीसी वर्मा ने उनसे पूरी जानकारी ली और तुरंत मंडल कार्यालय के कमर्शियल कंट्रोल में तैनात मिथिलेश कुमार को इसकी सूचना दी।
बिना ठहराव वाली ट्रेन को छिवकी में रुकवाया
मामले की जानकारी मिलने के बाद कमर्शियल कंट्रोल में तैनात मिथिलेश कुमार ने बिना समय गंवाए उच्च अधिकारियों से समन्वय किया। इसके बाद प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर ट्रेन का निर्धारित ठहराव नहीं होने के बावजूद विशेष व्यवस्था कर ट्रेन को वहां रुकवाया गया।
ट्रेन के प्रयागराज छिवकी स्टेशन पहुंचते ही पहले से मौजूद रेलवे कर्मियों ने तीनों बच्चियों को सुरक्षित नीचे उतारा। इसके बाद जब मुंबई मेल वहां पहुंची तो बच्चियों को उनकी मां के हवाले कर दिया गया।
मां से मिलते ही भावुक हुआ परिवार
अपने बच्चों को सुरक्षित वापस पाकर मां की आंखें नम हो गईं। परिवार भी इस दौरान भावुक हो उठा। आंध्र प्रदेश से आए परिवार ने रेलवे प्रशासन, मुख्य टिकट निरीक्षक देव प्रकाश वर्मा और कंट्रोलर मिथिलेश कुमार की तत्परता और मानवीय सोच की सराहना की। परिवार ने पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।
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