ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए नागरिकों से जंग लड़ रही मोदी सरकार: अभिजीत दिपके

HIGHLIGHTS
- अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
- दिपके को आशुतोष रंका और सौरव दास के साथ हिरासत में लिया गया था।
- अदालत ने तीनों नेताओं को 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा किया।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दिपके ने सोमवार को मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की बढ़ती मांग के बीच सरकार उन्हें बचाने के लिए नागरिकों के खिलाफ जंग लड़ रही है।
दिपके रविवार देर रात महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी पहुंचे। यहां उन्होंने उस स्थान का दौरा किया, जहां उनकी दादी का अंतिम संस्कार किया गया था।
अभिजीत दिपके ने एक्स पर क्या कहा?
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, 'दिल्ली पुलिस युवाओं, पत्रकारों और यहां तक कि सांसदों पर भी हमले कर रही है। ज्ञानेश कुमार मोदी के लिए इतने जरूरी क्यों हैं कि वे उन्हें बचाने के लिए किसी से भी भिड़ने को तैयार हैं?'
किन शर्तों पर मिली रिहाई?
शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले अभिजीत दिपके को CJP नेताओं आशुतोष रंका और सौरव दास के साथ दिल्ली एयरपोर्ट पर एहतियातन हिरासत में लिया गया था। तीनों को रविवार को रिहा कर दिया गया।
अदालत ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर कुछ शर्तों के साथ रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही, तीनों नेताओं को अगले एक साल तक शांति व्यवस्था बनाए रखने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा विपक्ष
कॉकरोच जनता पार्टी और विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
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