'CJP से मेरा कोई संबंध नहीं', ध्रुव राठी ने प्रदर्शन में शामिल होने पर दी सफाई

HIGHLIGHTS
- ध्रुव राठी ने कहा कि इस बार उन्होंने जमीन पर उतरकर विरोध दर्ज कराने का फैसला किया।
- उन्होंने मीडिया, न्यायपालिका और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर चिंता जताई।
- राठी ने सभी राजनीतिक दलों से गंभीर मुद्दों पर एकजुट होकर प्रदर्शन करने की अपील की।
यूट्यूबर ध्रुव राठी ने स्पष्ट किया है कि वह किसी राजनीतिक दल से जुड़ने के लिए आंदोलन में शामिल नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से इस मुद्दे से जुड़े हैं और राजनीति में आने का उनका कोई इरादा नहीं है। हालांकि, उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और देश की संस्थाओं की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों को गंभीर बताया। राठी के मुताबिक, इस बार उन्हें लगा कि केवल वीडियो बनाकर अपनी बात रखने के बजाय जमीन पर उतरकर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेना जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से जुड़े नहीं हैं और अपनी व्यक्तिगत हैसियत से इस मुद्दे पर आए हैं।
राठी ने कहा कि कई राजनीतिक दल इस मुद्दे को उठा रहे हैं और यह उनकी राजनीतिक भूमिका का हिस्सा है। उनके अनुसार, इस मामले पर अदालत को भी ध्यान देना चाहिए और यह देखना चाहिए कि देश की संस्थाओं के पास कितनी स्वतंत्रता और अधिकार हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मीडिया, न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर दबाव होने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। राठी ने दो लोगों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उन पर देश की संस्थाओं को अपने प्रभाव में लेने की बात कही जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस पर भी इस दबाव का असर पड़ता है।
ध्रुव राठी ने प्रदर्शन में शामिल होने का फैसला क्यों किया?
ध्रुव राठी ने बताया कि वह पश्चिम बंगाल और बिहार के चुनावों सहित कई मुद्दों पर वीडियो बना चुके हैं। लेकिन इस बार उन्हें लगा कि मामला इतना गंभीर है कि केवल वीडियो बनाकर अपनी बात रखना पर्याप्त नहीं होगा। इसी वजह से उन्होंने एक आम नागरिक के तौर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होगा और लोगों को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। उनका उद्देश्य मौके पर जाकर मुद्दे को समझना और विरोध प्रदर्शन में भाग लेना था।
क्या ध्रुव राठी सभी राजनीतिक दलों को एक साथ आने की सलाह दे रहे हैं?
राठी ने कहा कि इस मुद्दे पर अलग-अलग दिनों में अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रदर्शन करने के बजाय सभी दलों को मिलकर विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच आपसी मतभेद और अहम से जुड़े मुद्दे हो सकते हैं, लेकिन गंभीर विषयों पर उन्हें एकजुट होना चाहिए।
उनके मुताबिक, राजनीतिक दलों और आम लोगों के संयुक्त प्रदर्शन से ही दबाव बनाया जा सकता है। राठी ने यह भी बताया कि वह आगे होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना पर विचार कर रहे हैं।
हिरासत में रहने के बाद पुलिसकर्मियों को लेकर क्या बोले राठी?
ध्रुव राठी ने बताया कि हिरासत में 24 घंटे बिताने के दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें अपने कामकाज और उन पर पड़ने वाले दबाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वह केवल एक दिन के लिए कैदी थे, जबकि पुलिसकर्मी अपनी पूरी नौकरी के दौरान मानो कैदियों की तरह जीवन बिताते हैं।
राठी ने पुलिसकर्मियों के काम के बोझ और उनकी तनख्वाह को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की परिस्थितियों को देखकर उनके प्रति सहानुभूति महसूस हुई।
क्या ध्रुव राठी को प्रदर्शन में शामिल होने से रोका जा रहा है?
ध्रुव राठी ने दावा किया कि उनके घर के आसपास करीब 50 लोग तैनात हैं, जो चौबीसों घंटे उनकी तस्वीरें लेते हैं और उनकी गतिविधियों पर नजर रखते हैं। उनके मुताबिक, उन्हें अनौपचारिक रूप से धमकी दी गई है कि अगर वह प्रदर्शन में शामिल हुए, तो उसी समय उन्हें हिरासत में ले लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वह प्रदर्शन में जाना चाहते हैं, लेकिन फिलहाल उनकी कोई निश्चित योजना नहीं है। राठी ने बताया कि उन्होंने खुद पहल करते हुए अभिषेक को फोन किया था। अभिषेक ने उन्हें आने का सुझाव दिया और पहले बंगलूरू जाकर प्रकाश राज के कार्यक्रम में शामिल होने की बात कही। वहां हटाए गए मतदाताओं से जुड़े मुद्दे को समझने का अवसर मिल सकता था।
राठी ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक पार्टी के सदस्य या सहयोगी के रूप में नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रूप से इस मुद्दे से जुड़े हैं।
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