राहुल गांधी पर BJP का निशाना, गौरव भाटिया बोले- संविधान राजनीतिक प्रदर्शन का सामान नहीं

HIGHLIGHTS
- गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर शक्तियों के बंटवारे के सिद्धांत को लेकर निशाना साधा।
- CJI सूर्यकांत ने लंबित मामलों का हवाला देते हुए मुलाकात से इनकार किया।
- विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध तेज करने का फैसला किया।
नई दिल्ली। राहुल गांधी की भारत के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को कांग्रेस पर निशाना साधा। भाजपा ने कहा कि न्यायपालिका को रोजमर्रा की राजनीतिक खींचतान से ऊपर रखा जाना चाहिए। पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सत्ता हासिल करने की बेचैनी में उन्होंने शक्तियों के बंटवारे के सिद्धांत को राजनीतिक नाटक का हिस्सा बना दिया है।
'संविधान हाथ में रखने से उसकी समझ नहीं आ जाती'
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सत्ता पाने की जल्दबाजी और शक्तियों के बंटवारे के सिद्धांत के बीच अंतर भूल गए हैं।
भाटिया के मुताबिक, राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेताओं से मुलाकात करने से मुख्य न्यायाधीश का इनकार एक महत्वपूर्ण संदेश देता है। न्यायपालिका को रोजमर्रा की राजनीतिक लड़ाई से अलग और ऊपर रहना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस नेता पर तंज कसते हुए कहा कि हाथ में संविधान की प्रति लेकर चलने भर से यह साबित नहीं होता कि व्यक्ति उसकी समझ भी रखता है। भाटिया ने राहुल गांधी को संविधान पढ़ने, उसका सम्मान करने और शक्तियों के बंटवारे के सिद्धांत को समझने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संविधान शासन चलाने का मार्गदर्शक है, न कि राजनीतिक प्रदर्शन की वस्तु।
'वोट चोरी' के मुद्दे पर विपक्ष ने तेज किया विरोध
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों ने अपना विरोध बढ़ाने का फैसला किया है। इसी क्रम में विपक्षी नेता सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने वाले हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी कथित 'वोट चोरी' के मुद्दे पर अपनी बात रखने के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था।
CJI ने मुलाकात से किया इनकार, लंबित मामलों का दिया हवाला
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कथित 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर राहुल गांधी से मिलने से इनकार कर दिया। इसके पीछे वजह बताई गई कि इस तरह के मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने CJI को पत्र लिखकर सोमवार शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था। दोनों नेता इस मुलाकात के दौरान अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपना चाहते थे।
विपक्ष के प्रस्तावित ज्ञापन में क्या थीं मांगें?
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से मुख्य न्यायाधीश को सौंपे जाने वाले प्रस्तावित ज्ञापन में कई मांगें शामिल थीं। इनमें कथित 'वोट चोरी' पर रोक लगाने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को रोकने की मांग शामिल थी।
इसके अलावा, विपक्ष ने चुनावों में दोबारा कागजी मतपत्रों के इस्तेमाल की व्यवस्था लागू करने की मांग भी रखी थी।
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