मुजफ्फरनगर: 15 साल पुराने हत्याकांड में 4 दोषियों को मिली फांसी की सजा

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 2011 के हत्या मामले में चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाई।
- आरोपियों ने लूट के बाद राज सिंह की गोली मारकर हत्या की थी और उनके दोस्त को घायल कर झाड़ियों में फेंक दिया था।
- कोर्ट में 12 गवाह पेश किए गए, जिसके बाद चारों को दोषी ठहराया गया।
मुजफ्फरनगर में 15 साल पुराने हत्या और लूट के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने चार दोषियों को फांसी की सजा दी है। चारों आरोपियों ने साल 2011 में लूट के बाद एक युवक की हत्या कर दी थी, जबकि उसके दोस्त के साथ मारपीट कर उसे हाथ-पैर बांधकर झाड़ियों में फेंक दिया था।
मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे यह फैसला सुनाया। जज रवि दिवाकर ने मामले को रेयर केस बताते हुए चारों दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
बहन के घर जाते समय हुई थी वारदात
घटना के समय भौकरहेड़ी निवासी राज सिंह अपने दोस्त बिजेंद्र के साथ मोटरसाइकिल से शामली स्थित अपनी बहन के घर जा रहे थे।
रास्ते में चार बदमाश अजित, अनिल, सुनील और सूरज ने दोनों को रोक लिया। आरोपियों ने पहले दोनों के साथ मारपीट की और इसके बाद उन्हें एक सुनसान जगह पर ले गए।
लूटपाट के दौरान राज सिंह ने विरोध किया, जिसके बाद बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। गोली लगने से उनकी मौत हो गई।
वहीं, बदमाशों ने बिजेंद्र से भी लूटपाट की और उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद उसे अधमरी हालत में हाथ-पैर बांधकर झाड़ियों में फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।
किसी तरह बिजेंद्र शाम तक सड़क तक पहुंचा और लोगों से मदद मांगकर अपने परिवार को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को भी सूचना दी गई। राज सिंह के भाई राहुल ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
कोर्ट में पेश किए गए 12 गवाह
पुलिस ने जांच के दौरान साक्ष्य जुटाकर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और सबूतों के आधार पर अपना पक्ष रखा।
मामले में कुल 12 गवाह अदालत में पेश किए गए। इसके बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई।
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