मुजफ्फरनगर: किसान-मजदूर संगठन ने राष्ट्रपति के नाम DM को सौंपा ज्ञापन

HIGHLIGHTS
- राष्ट्रीय प्रवक्ता सोनू चौधरी के नेतृत्व में संगठन ने मांगें रखीं।
- दिल्ली के साकेत थाने से जुड़े मामले की उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की गई।
- भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में किसान-मजदूर हितों के प्रतिकूल प्रावधान हटाने की मांग उठी।
मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा ने शनिवार दोपहर करीब 2 बजे किसान, मजदूर, गरीब और जनहित से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम DM के माध्यम से ज्ञापन भेजा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम के निर्देश पर राष्ट्रीय प्रवक्ता सोनू चौधरी के नेतृत्व में ज्ञापन दिया गया। इसमें किसान-मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की गई।
ज्ञापन में दिल्ली के साकेत थाने में मुस्लिम महिला पत्रकारों के साथ कथित अभद्र व्यवहार के मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। संगठन ने इस मामले की जांच उच्च अधिकारियों से कराने की भी मांग रखी।
इसके अलावा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में किसान और मजदूर हितों के प्रतिकूल बताए जा रहे प्रावधानों को रद्द करने की मांग की गई। संगठन ने देशभर में किसानों के लिए MSP कानून को समान रूप से लागू करने की मांग भी उठाई।
ज्ञापन में बढ़ती महंगाई का मुद्दा भी शामिल रहा। संगठन का कहना है कि महंगाई के चलते गरीब, मजदूर और किसान आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। सरकार से इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा ने गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग रखी। इसके साथ ही किसानों और मजदूरों के कर्ज माफ करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई। संगठन ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एम्स स्तर के अस्पताल के निर्माण और देशभर में पेंशन बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग भी उठाई।
किसानों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए किसान आयोग गठित करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। संगठन के अनुसार, किसानों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था की जरूरत है।
ज्ञापन में मुजफ्फरनगर के निजी अस्पतालों की जांच कराने की मांग भी की गई। संगठन ने आरोप लगाया कि नियमों के विपरीत आवश्यक योग्यता से जुड़े मानकों का पालन किए बिना इलाज करने वाले अस्पतालों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा ने राष्ट्रपति से ज्ञापन में शामिल सभी 10 मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित कार्रवाई करने की अपील की। संगठन ने कहा कि किसान, मजदूर, गरीब और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर वह आगे भी अपनी आवाज उठाता रहेगा।
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