भीषण गर्मी में खुली नगर पालिका की पोल, मुजफ्फरनगर में राहत के सारे इंतजाम फेल

मुजफ्फरनगर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच नगर पालिका की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। शनिवार को शहर में लाखों रुपये की लागत से खरीदी गई स्मॉग गन मशीन सड़कों पर चलती तो दिखी, लेकिन उससे पानी का छिड़काव नहीं किया गया। ऐसे में तपती गर्मी में लोगों को किसी तरह की राहत नहीं मिल सकी।
इसी तरह शहर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगाए गए एयर मिस्ट टावर भी बंद अवस्था में पाए गए। भोपा रोड स्थित एसडी कॉलेज के बाहर, जिला अस्पताल के सामने और कंपनी बाग के पास लगाए गए इन टावरों पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इनका उद्देश्य प्रदूषण कम करना था, लेकिन गर्मी के दौरान भी ये लोगों को राहत देने में नाकाम दिखे।
नगर पालिका की लापरवाही सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रही। हाल ही में शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर राहगीरों के लिए रखे गए मिट्टी के घड़ों में भी दोपहर तक पानी खत्म हो गया। आरोप है कि सुबह भरवाया गया पानी दिन में दोबारा नहीं भरा गया, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

गौ सेवक नीशू ने मीनाक्षी चौक और शिव चौक पर निरीक्षण किया तो पाया कि दोपहर करीब तीन बजे दोनों स्थानों पर रखे घड़े पूरी तरह खाली थे। उनका कहना है कि लोग गर्मी में पानी पी गए, लेकिन दिनभर दोबारा भरने की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
इस पूरे मामले में नगर पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप और अधिशासी अधिकारी प्रज्ञा सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों ने फोन कॉल रिसीव नहीं किया।
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