NEET UG 2026 पेपर लीक: CBI चार्जशीट में बड़ा खुलासा, सोसायटी ऐप रिकॉर्ड से छात्रों की एंट्री का मिला सबूत

HIGHLIGHTS
- CBI ने NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
- जांच में पुणे की रिहायशी सोसायटी के एंट्री मैनेजमेंट एप रिकॉर्ड को अहम सबूत बताया गया है।
- सोसायटी रिकॉर्ड से छात्रों और अभिभावकों की मौजूदगी की पुष्टि करने का दावा किया गया है।
सीबीआई ने NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में दाखिल चार्जशीट में कई डिजिटल और फोरेंसिक सबूतों का उल्लेख किया है। इनमें पुणे की एक रिहायशी सोसायटी के एंट्री मैनेजमेंट एप का रिकॉर्ड भी शामिल है। इसी सोसायटी में एनटीए के केमिस्ट्री विषय के विशेषज्ञ और आरोपी पीवी कुलकर्णी रहते थे।
सीबीआई ने 28 जुलाई को विशेष अदालत में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अधिकारियों के अनुसार, सोसायटी एप से मिले रिकॉर्ड में उन छात्रों की बायोमेट्रिक एंट्री भी दर्ज थी, जो कुलकर्णी की ओर से अप्रैल में आयोजित विशेष कोचिंग कक्षाओं में शामिल होने पहुंचे थे।
सोसायटी के रिकॉर्ड से क्या सामने आया?
सीबीआई ने सोसायटी एप के रिकॉर्ड के आधार पर छात्रों और उनके अभिभावकों की वहां मौजूदगी की पुष्टि की।
जांच एजेंसी के मुताबिक, ये छात्र और उनके अभिभावक NEET UG परीक्षा से कुछ दिन पहले अप्रैल में कुलकर्णी की सोसायटी में पहुंचे थे। एजेंसी ने इन रिकॉर्ड को छात्रों के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन विश्लेषण से भी मिलाया।
NEET UG परीक्षा का आयोजन 3 मई को किया गया था।
जांच के दायरे में एनटीए के तीन विशेषज्ञ
सीबीआई की जांच में एनटीए के पैनल में शामिल पुणे के तीन विषय विशेषज्ञों की भूमिका सामने आई है। इनमें शामिल हैं:
- पीवी कुलकर्णी- केमिस्ट्री
- मनीषा गुरुनाथ मंधारे- जूलॉजी और बॉटनी
- मनीषा संजय हवलदार- फिजिक्स
सीबीआई का आरोप है कि इन लोगों ने एनटीए की परीक्षा प्रक्रिया में मौजूद खामियों का फायदा उठाया और गोपनीय सवाल हासिल कर उन्हें पैसे लेकर आगे पहुंचाया।
विशेष कोचिंग कक्षाओं से मिली जानकारी
सीबीआई के अनुसार, ब्यूटीशियन मनीषा संजय वाघमारे ने कुलकर्णी और मंधारे की अप्रैल में आयोजित विशेष कोचिंग कक्षाओं में छात्रों को भेजा था।
जांच एजेंसी का कहना है कि इन कक्षाओं में छात्रों की कॉपियों में विशेषज्ञों की ओर से बताए गए सवाल लिखे गए थे। इनमें से कुछ सवालों को ‘महत्वपूर्ण’ और ‘बहुत महत्वपूर्ण’ के तौर पर चिन्हित किया गया था।
सीबीआई के मुताबिक, यही सामग्री बाद में राजस्थान और हरियाणा तक छात्रों और बिचौलियों की एक श्रृंखला के माध्यम से पहुंची।
फिजिक्स के 68 सवालों वाले 16 पन्नों का जिक्र
सीबीआई ने मनीषा संजय हवलदार की भूमिका का भी उल्लेख किया है। आरोप है कि मंधारे के कहने पर उन्होंने एक अभ्यर्थी की मां को फिजिक्स के 68 सवालों वाले 16 पन्ने उपलब्ध कराए थे।
जांच एजेंसी ने अलग-अलग छात्रों और बिचौलियों से मिली लीक सामग्री और प्रश्नों को दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से गठित विशेषज्ञ पैनल को भेजा। जांच में इस सामग्री का NEET UG 2026 के चार पेपर सेट से अलग-अलग स्तर पर मिलान पाया गया।
सीबीआई के अनुसार, जिन सेट तक संबंधित विशेषज्ञों की पहुंच थी, उनमें सवालों का मिलान 85 फीसदी तक मिला। वहीं, जिन सेट तक उनकी पहुंच नहीं थी, उनमें मिलान काफी कम पाया गया।
एनटीए की प्रक्रिया में खामियों का आरोप
सीबीआई के मुताबिक, NEET के प्रश्नपत्रों की तैयारी, अनुवाद और बैक-ट्रांसलेशन का काम एनटीए के ओखला स्थित भवन में नियंत्रित माहौल में किया गया था। एजेंसी का आरोप है कि इसी प्रक्रिया में मौजूद खामियों का आरोपियों ने फायदा उठाया।
चार्जशीट के अनुसार, कुलकर्णी ने सवालों के छोटे नोट बनाए, कुछ सवाल याद किए और होटल लौटने के बाद उन्हें दोबारा तैयार किया। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने NEET UG 2026 के तीन सेट का बैक-ट्रांसलेशन किया था और केमिस्ट्री विषय में इन्हीं सेट से लीक सामग्री का सबसे अधिक मिलान मिला।
कोचिंग सेंटर संचालक भी बनाया गया आरोपी
सीबीआई ने कोचिंग सेंटर संचालक शिवराज रघुनाथ मुतगांवकर को भी आरोपी बनाया है।
अधिकारियों के अनुसार, उसे एक बिचौलिए के माध्यम से कुलकर्णी से प्रश्नपत्र मिले थे, जिन्हें उसने पैसे लेकर अपने छात्रों के बीच बांटा।
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