नीट-यूजी पेपर लीक मामला: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और NTA से मांगा परीक्षा सुधारों का पूरा हिसाब

HIGHLIGHTS
- नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और NTA से परीक्षा सुधारों पर विस्तृत हलफनामा मांगा।
- कोर्ट ने स्थायी सुधारों, सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव की जानकारी तलब की।
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को संस्थागत बनाने के लिए पूरे साल निगरानी रखी जाएगी।
नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से परीक्षा सुधारों को लेकर अब तक हुई प्रगति की विस्तृत जानकारी मांगी है। कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र और एनटीए को इस संबंध में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगी सुधारों की जानकारी
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि हलफनामे में यह स्पष्ट किया जाए कि परीक्षा सुधारों को स्थायी व्यवस्था के रूप में लागू करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि केवल अस्थायी उपायों के सहारे व्यवस्था नहीं चलाई जा सकती।
पीठ ने प्रस्तावित संचालन बोर्ड, विशेषज्ञों के नेतृत्व वाली इकाइयों, संबंधित पक्षों के नामांकन और उच्च स्तरीय समिति की ओर से 10 क्षेत्रों में दी गई सिफारिशों को लागू करने की स्थिति की जानकारी मांगी है। इन क्षेत्रों में डिजिटल ढांचा, सुरक्षा, शोध एवं विकास, पारदर्शिता, प्रशासन और मानव संसाधन जैसे विषय शामिल हैं।
परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण की रिपोर्ट मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से सुरक्षा, निगरानी और सतर्कता के लिए नियुक्त किए गए नए अतिरिक्त महानिदेशकों की भूमिका और अब तक हुई प्रगति का विवरण भी मांगा है।
अदालत ने परीक्षा प्रक्रिया के सभी चरणों में किए जा रहे सुधारों की स्थिति रिपोर्ट मांगी है। इसमें परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान और परीक्षा के बाद की व्यवस्थाएं शामिल हैं।
पीठ ने केंद्र से यह भी पूछा कि राज्य और जिला अधिकारियों के साथ मिलकर परीक्षा प्रणाली में सुधार, बहु-स्तरीय परीक्षा व्यवस्था, परीक्षा केंद्रों की प्रक्रिया, प्रश्न पत्र तैयार करने, छपाई और उनके वितरण को लेकर कितनी प्रगति हुई है।
कंप्यूटर आधारित परीक्षा और डाटा सुरक्षा पर भी मांगी जानकारी
सुप्रीम कोर्ट ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली लागू करने के प्रस्ताव और डाटा सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी मांगी है।
जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि पेपर लीक के बाद प्रश्न पत्रों की सुरक्षित पहुंच के लिए भारतीय वायुसेना की मदद लेना केवल एक अस्थायी व्यवस्था थी, इसे स्थायी समाधान नहीं बनाया जा सकता।
पीठ ने कहा कि केंद्र की ओर से दाखिल हलफनामे में इन मुद्दों पर पूरी जानकारी नहीं दी गई है। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को भरोसा दिलाया कि सरकार की ओर से नया हलफनामा दाखिल किया जाएगा।
पूरे साल निगरानी करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले पर लगातार नजर रखेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि परीक्षा व्यवस्था को संस्थागत रूप दिया जाए। अदालत ने कहा कि पूरे साल इसकी निगरानी की जाएगी।
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